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88 वर्षीय रिटायर्ड DIG इंदरजीत सिंह सिद्धू को पद्म पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाएगा

पद्म पुरस्कार 2026 :  88 वर्षीय रिटायर्ड DIG (पंजाब पुलिस) इंदरजीत सिंह सिद्धू को पद्म पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाएगा। 1964 बैच के IPS अधिकारी सिद्धू, जो 1996 में सेवानिवृत्त हुए, आज भी सफाई के क्षेत्र में मिसाल कायम कर रहे हैं।

सड़क का शांत योद्धा: स्वच्छता में व्यक्तिगत योगदान

चंडीगढ़ के सेक्टर 49 में रोजाना सुबह 6 बजे, सिद्धू खुद झाड़ू लेकर और कचरा उठाकर सड़कों की सफाई करते हैं। उनके इस काम को आनंद महिंद्रा ने “सड़क का शांत योद्धा” कहा। सिद्धू कहते हैं “स्वच्छता ही सेवा है।” यह उनका निजी योगदान न केवल शहर की सड़कों को साफ करता है, बल्कि समाज में जागरूकता और प्रेरणा भी फैलाता है।

इंदरजीत सिंह सिद्धू के बारे में

  • सेवानिवृत्ति: पंजाब पुलिस में डीआईजी पद से 31 दिसंबर 1996 को सेवानिवृत्त।
  • सफाई की शुरुआत: 1986 में अमृतसर में सिटी SP के रूप में कार्यरत और तब से स्वच्छता के प्रति समर्पित।
  • काम करने का तरीका: खुद रिक्शा लेकर सेक्टर-49 की गलियों से कचरा इकट्ठा करना।
  • लोगों की प्रतिक्रिया: शुरू में मज़ाक उड़ाने वाले लोग अब उनके काम में शामिल हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके कार्य की बड़ी सराहना हो रही है।
  • स्वच्छ सर्वेक्षण में योगदान: चंडीगढ़ की 2024-25 रैंकिंग में सुधार में उनके व्यक्तिगत प्रयासों का बड़ा योगदान।

 

पद्म पुरस्कार: समाज के लिए प्रेरणा

सिद्धू का यह नि:स्वार्थ कार्य समाज को यह संदेश देता है कि स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा है। उनके इस योगदान ने ना केवल चंडीगढ़ की सड़कों को साफ किया, बल्कि लोगों में जागरूकता, प्रेरणा और सामाजिक जिम्मेदारी भी जगाई।

 

Author

  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

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