8th Pay Commission Approved: 50 लाख कर्मचारियों को मिला बड़ा तोहफा

8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने मंगलवार को आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की Terms of Reference (ToR) को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद देशभर के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स के चेहरे खिल उठे हैं। यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब देशभर में छठ पर्व की तैयारियां चल रही हैं — यानी केंद्र सरकार का यह तोहफा कर्मचारियों के लिए ‘त्योहार बोनस’ जैसा है।
कब देगा आयोग अपनी रिपोर्ट?
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि आठवां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट 18 महीनों के भीतर सरकार को सौंप देगा। जरूरत पड़ने पर आयोग इंटरिम रिपोर्ट भी पेश कर सकता है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और अलाउंसेज़ में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
कौन हैं 8th Pay Commission के सदस्य?
कैबिनेट के अनुसार, 8th Central Pay Commission एक टेम्पररी बॉडी होगी जिसमें तीन सदस्य होंगे —
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जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (चेयरपर्सन)
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प्रोफेसर पुलक घोष (मेंबर)
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पंकज जैन (मेंबर सेक्रेटरी)
सरकार ने बताया कि आयोग की ToR तैयार करने से पहले राज्यों, मंत्रालयों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से परामर्श किया गया था।
किन मुद्दों पर रहेगा फोकस?
आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करते समय निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान देगा —
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देश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय अनुशासन (Fiscal Discipline)
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विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन
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पेंशन स्कीम्स का वित्तीय भार
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राज्यों की आर्थिक स्थिति, क्योंकि वे भी अक्सर आयोग की सिफारिशें अपनाते हैं
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केंद्रीय पीएसयू और प्राइवेट सेक्टर में कर्मचारियों की सैलरी की तुलना
सरकार चाहती है कि वेतन आयोग का असर देश की अर्थव्यवस्था पर संतुलित रहे और सरकारी खर्च अनियंत्रित न बढ़े।
कब से लागू होंगे नए वेतनमान?
सरकार के मुताबिक, नए वेतनमान तभी लागू होंगे जब आयोग अपनी सिफारिशें सौंपेगा और केंद्र सरकार उन्हें मंजूरी दे देगी। फिलहाल 1 जनवरी 2026 को नई सैलरी संरचना लागू होने की संभावित तारीख माना जा रहा है।
कर्मचारियों की यूनियनों में इस घोषणा के बाद खुशी का माहौल है। पेंशनर्स को भी इस फैसले से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हर 10 साल में सैलरी रिवीजन की परंपरा
भारत में हर 10 साल पर वेतन आयोग गठित किया जाता है। पिछला 7th Pay Commission फरवरी 2014 में गठित हुआ था और 1 जनवरी 2016 से लागू किया गया था। सरकार हर 6 महीने में Dearness Allowance (DA) में भी संशोधन करती है ताकि महंगाई का असर कर्मचारियों की सैलरी पर न पड़े।
किसानों के लिए भी राहत की खबर
केंद्र सरकार ने बैठक में न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) को भी मंजूरी दी है। रबी सीजन की फसलों के लिए ₹37,952 करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे किसानों के बढ़ते खर्च का बोझ कम होगा।






