हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: अब विदेश यात्रा से पहले लेनी होगी वित्त विभाग की मंजूरी

चंडीगढ़, 16 अक्टूबर 2025 — हरियाणा सरकार ने सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की विदेश यात्राओं को लेकर सख्त नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग द्वारा जारी इन आदेशों का उद्देश्य सरकारी खर्चों में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करना है। ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएंगे और इससे पहले जारी सभी निर्देश निरस्त माने जाएंगे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने किए दिशा-निर्देश जारी
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जो वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी हैं, द्वारा जारी किए गए ये दिशा-निर्देश हरियाणा के ग्रुप ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’, ‘डी’ के सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ हरियाणा काडर के अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों पर भी लागू होंगे।
इन नए नियमों के तहत, अब सभी सरकारी कर्मचारियों, मंत्रियों और विधायकों को विदेश यात्रा के लिए संबंधित प्रशासनिक विभाग की सिफारिश और वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।
आधिकारिक और निजी विदेश यात्रा पर नई पाबंदियां
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प्रत्येक वित्तीय वर्ष में सरकारी खर्च पर अधिकतम एक आधिकारिक और एक निजी विदेश यात्रा की अनुमति होगी।
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दोनों यात्राओं की कुल अवधि तीन सप्ताह से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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यात्रा प्रस्ताव को संबंधित अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित ‘चेक-लिस्ट’ के साथ मुख्यमंत्री की स्वीकृति प्राप्त कर वित्त विभाग को भेजना अनिवार्य होगा।
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संबंधित विभाग को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विदेश यात्रा भत्ते के लिए बजट का पर्याप्त प्रावधान उपलब्ध हो।
व्यक्तिगत खर्च पर विदेश यात्रा के लिए शर्तें
व्यक्तिगत कारणों से स्वयं के व्यय पर विदेश यात्रा करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को भी एक वित्तीय वर्ष में केवल एक निजी यात्रा की अनुमति मिलेगी। इस दौरान यात्रा किए जाने वाले देश का नाम अनुमोदन पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा।
किन मामलों में नहीं मिलेगी अनुमति?
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यदि किसी अधिकारी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित हो या आरोपपत्र जारी हो चुका हो, तो अनुमति नहीं दी जाएगी।
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यदि निजी यात्रा का खर्च विभाग से संबंधित किसी निजी संस्था द्वारा वहन किया जा रहा हो, तो भी अनुमति निषेध होगी।
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बिना पूर्व अनुमति विदेश जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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एक्स-पोस्ट फैक्टो (यात्रा के बाद) स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
विदेश में कार्य या अधिक समय तक रुकने पर पाबंदी
विदेश में रहते हुए बिना पूर्व स्वीकृति किसी भी प्रकार का रोजगार या अन्य कार्य करना मना है। साथ ही निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रुकने की अनुमति भी नहीं मिलेगी।
कार्यभार सौंपना अनिवार्य
विदेश यात्रा से पूर्व जहां कार्यभार सौंपने का प्रावधान हो, अधिकारियों को अपना कार्यभार वैकल्पिक अधिकारी को सौंपना होगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वित्त विभाग का अधिकार
वित्त विभाग (एफ.आर. शाखा) ने स्पष्ट किया है कि इन दिशा-निर्देशों की व्याख्या, संशोधन या बदलाव करने का अधिकार केवल उसी विभाग के पास रहेगा।






