Gold Price Drop: क्या आपने खरीदा गोल्ड? धनतेरस पर टूटा सोना, जानिए कितनी कम हुई कीमत

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2025 | RashtrKhabar: दिवाली की शुरुआत धनतेरस के साथ हुई और इस शुभ मौके पर सोने-चांदी के बाजारों में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद शनिवार को सोने की कीमतों में ₹2,400 प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई, जिससे खरीदारों में हल्की राहत देखने को मिली।
सोने की कीमतों में गिरावट, लेकिन भीड़ बरकरार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,32,400 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को यह ₹1,34,800 प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ (IBJA) के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना शनिवार को ₹2,400 की गिरावट के साथ ₹1,32,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹1,31,800 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर बिक रहा है।
हालांकि कीमतों में गिरावट के बावजूद, धनतेरस पर आभूषण बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी रही। कई प्रमुख ज्वेलरी ब्रांड्स ने बताया कि ग्राहकों की खरीदारी का उत्साह इस बार भी कायम रहा।
पिछले साल की तुलना में 62% बढ़ा सोना
धनतेरस 2024 की तुलना में इस बार सोने की कीमतों में ₹51,000 प्रति 10 ग्राम की वृद्धि हुई है। पिछले साल 24 कैरेट सोने का भाव ₹81,400 प्रति 10 ग्राम था, जबकि इस बार यह ₹1,32,400 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया — यानी 62.65% की भारी बढ़ोतरी।
चांदी में भी दिखी कमजोरी
लगातार दूसरे दिन चांदी के दामों में भी गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को चांदी ₹7,000 गिरकर ₹1,70,000 प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि शुक्रवार को यह ₹1,77,000 प्रति किलोग्राम थी। हालांकि, पिछले धनतेरस के मुकाबले चांदी की कीमतों में अब भी 70% से अधिक की वृद्धि बनी हुई है।
चांदी की मांग में 40% की वृद्धि
ऊंची कीमतों के बावजूद इस धनतेरस पर चांदी की मांग ने सोने को पछाड़ दिया। चांदी के सिक्कों की बिक्री में 35–40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मूल्य के हिसाब से बिक्री दोगुनी से अधिक रही।
अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (GJC) के अध्यक्ष राजेश रोकड़े ने बताया कि इस बार कुल बिक्री मात्रा के हिसाब से 10–15% कम रही है, लेकिन मूल्य में तेज़ी के चलते कुल कारोबार ₹50,000 करोड़ से ऊपर पहुंचने की उम्मीद है।
क्यों गिरा सोना-चांदी का भाव?
व्यापारियों के मुताबिक, सोना और चांदी की कीमतों में यह गिरावट वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली और कमजोर संकेतों के कारण आई। Kama Jewellery के प्रबंध निदेशक कोलिन शाह ने कहा —
“धनतेरस के त्योहार ने अपनी पारंपरिक चमक बरकरार रखी है। ऊंची कीमतों, अनुकूल आर्थिक माहौल और GST सुधारों के बावजूद लोगों ने निवेश को प्राथमिकता दी है।”
RashtrKhabar View
धनतेरस 2025 पर सोना भले टूटा हो, लेकिन उपभोक्ताओं का उत्साह नहीं। ऊंची कीमतों और मामूली गिरावट के बीच भी भारतीय बाजारों में त्योहारी रौनक और खरीदारी का जोश चरम पर रहा। यह दिखाता है कि भारत में सोना सिर्फ धातु नहीं, बल्कि विश्वास और परंपरा का प्रतीक है।






