National

उर्वरक कालाबाजारी पर सरकार की बड़ी कार्रवाई, 6,900 से ज्यादा लाइसेंस रद्द

नई दिल्ली : किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। देशभर में 6,900 से अधिक उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, ताकि किसानों को उचित कीमत पर खाद उपलब्ध कराई जा सके। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी पैदा कर मुनाफाखोरी करने वालों पर रोक लगे और किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंचे।

यूरिया सस्ती दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था

सरकार की सब्सिडी नीति के तहत किसानों को यूरिया निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर उपलब्ध कराया जा रहा है। 45 किलो के एक बैग की कीमत 242 रुपये तय की गई है (नीम कोटिंग और टैक्स अलग)। उत्पादन लागत और बाजार मूल्य के बीच का अंतर सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करती है, जिससे किसानों को राहत मिलती है। पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) योजना के तहत फॉस्फेट और पोटाश आधारित उर्वरकों (P&K) पर भी सब्सिडी जारी है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद किसानों को सस्ती दर पर उर्वरक उपलब्ध कराना है।

वैश्विक बाजार के अनुसार संशोधन

सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों और कच्चे माल की कीमतों पर लगातार नजर बनाए रखती है। इसी आधार पर NBS दरों में समय-समय पर संशोधन किया जाता है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

DAP और TSP पर अतिरिक्त राहत

खरीफ 2025 और रबी 2025-26 सीजन के लिए सरकार ने DAP और आयातित TSP उर्वरकों पर 3,500 रुपये प्रति मीट्रिक टन की अतिरिक्त सब्सिडी देने का फैसला किया है। इसमें परिवहन लागत और वैश्विक कीमतों के प्रभाव को भी शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से उर्वरकों की उपलब्धता बेहतर होगी और कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा। साथ ही किसानों को समय पर और उचित कीमत पर खाद मिल सकेगी।

Author

  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
🔴 LIVE