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Hanuman Chalisa Path: इन परिस्थितियों में हनुमान चालीसा का पाठ क्यों माना जाता है वर्जित?

Hanuman Chalisa Path: हनुमान चालीसा का पाठ सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति नियमित रूप से श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसके जीवन से भय, रोग, नकारात्मक ऊर्जा और शनि दोष जैसी बाधाएं दूर होती हैं। इसी कारण बजरंगबली के भक्त हनुमान चालीसा को एक आध्यात्मिक सुरक्षा कवच के रूप में देखते हैं।

मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान को समर्पित माना गया है। इन दिनों व्रत, पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हालांकि, शास्त्रों और परंपराओं में कुछ ऐसी परिस्थितियों का भी उल्लेख मिलता है, जिनमें हनुमान चालीसा का पाठ करना वर्जित या अनुचित माना गया है।

 

इन परिस्थितियों में नहीं करना चाहिए हनुमान चालीसा का पाठ?

1. दोपहर के समय हनुमान चालीसा का पाठ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दोपहर के समय हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस समय भगवान हनुमान लंका में विश्राम करते हैं। इसी कारण यह समय उनकी पूजा-अर्चना के लिए उपयुक्त नहीं माना गया है। सुबह, संध्या या रात्रि का समय पाठ के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

2. सूतक और अशौच काल में पाठ वर्जित

परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु होने पर जब तक शुद्धि संस्कार पूर्ण न हो जाएं, तब तक पूजा-पाठ और हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार, शिशु के जन्म के बाद लगने वाले सूतक काल में भी पाठ से परहेज करने की परंपरा है।

3. मासिक धर्म के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ

शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। हालांकि, इस अवधि में मन में स्मरण (मानसिक जप) को स्वीकार्य और पुण्यदायी माना गया है।

4. तामसिक भोजन या नशे के सेवन के बाद

भगवान हनुमान को ब्रह्मचारी माना गया है। इसलिए—मांसाहार,शराब या अन्य नशीले पदार्थ का सेवन करने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करना निषेध माना गया है। इस समय शरीर और मन दोनों की शुद्धता आवश्यक बताई गई है।

5. अशुद्ध अवस्था और गंदे वस्त्र

बिना स्नान किए, गंदे कपड़े पहनकर या अत्यंत अशुद्ध अवस्था में हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए।धार्मिक दृष्टि से पूजा में शारीरिक और मानसिक शुद्धता का विशेष महत्व होता है।

हनुमान चालीसा पाठ करने की सही विधि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि नियम और श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए, तो इसका फल कई गुना बढ़ जाता है—

पाठ से पहले ऊन या कुशा के आसन पर बैठें

घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं

मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष रूप से पाठ करें

अपनी क्षमता अनुसार

7 बार

11 बार

या 100 बार
हनुमान चालीसा का पाठ करें

पाठ के दौरान मन को एकाग्र रखें और पूर्ण श्रद्धा बनाए रखें

हनुमान चालीसा का आध्यात्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, भगवान हनुमान को भगवान शिव का रुद्र अवतार माना गया है। उनकी पूजा में अनुशासन, ब्रह्मचर्य, संयम और शुद्धता को विशेष महत्व दिया गया है। इसी कारण हनुमान चालीसा के पाठ से जुड़े नियमों का पालन करना आवश्यक बताया गया है, ताकि साधक को पूर्ण फल की प्राप्ति हो सके।

Disclaimer

यह लेख धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रीय परंपराओं पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था और सामान्य सूचना प्रदान करना है। किसी भी धार्मिक कार्य को करने से पहले अपने गुरु या किसी विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

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