Delhi Pollution Emergency: स्कूल हाइब्रिड मोड पर, 50% कर्मचारियों के लिए WFH अनिवार्य

Delhi Pollution Emergency : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर भीषण वायु प्रदूषण की गिरफ्त में है। शनिवार (13 दिसंबर) को हालात उस वक्त और गंभीर हो गए, जब शाम 6 बजे AQI 441 तक पहुंच गया। इसके बाद Commission for Air Quality Management (CAQM) ने तत्काल कदम उठाते हुए दिल्ली-NCR में GRAP Stage-IV (Severe+) लागू कर दिया।
CAQM की इस सख्ती के बाद Delhi Government ने भी बड़ा फैसला लिया है, जिसका सीधा असर स्कूलों और दफ्तरों पर पड़ा है।
स्कूलों में हाइब्रिड मोड लागू, बच्चों को राहत
दिल्ली सरकार (Delhi Government) के नए निर्देशों के अनुसार: कक्षा 9वीं तक और 11वीं कक्षा के छात्रों की पढ़ाई अब हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन + ऑफलाइन) में होगी। कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र नियमित रूप से स्कूल आते रहेंगे, क्योंकि ये बोर्ड कक्षाएं हैं। सरकार का उद्देश्य बच्चों को प्रदूषण के सीधे असर से बचाना और पढ़ाई में भी बाधा न आने देना है।
दफ्तरों में सिर्फ 50% कर्मचारी, WFH अनिवार्य
प्रदूषण (Delhi Pollution) को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने एक और सख्त कदम उठाया है: सरकारी और निजी संस्थानों के 50% कर्मचारियों के लिए Work From Home अनिवार्य, एक ही ऑफिस में आधे कर्मचारी घर से काम करेंगे, ताकि ट्रैफिक और उत्सर्जन कम हो सके।
क्यों बिगड़े हालात?
विशेषज्ञों के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजहें हैं: हवा की बेहद धीमी रफ्तार,स्थिर वायुमंडलीय स्थिति,प्रतिकूल मौसम,प्रदूषकों का वातावरण में फंसा रहना, इसी कारण सड़कों पर पानी का छिड़काव, कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर रोक और अन्य आपात कदम उठाए जा रहे हैं।
GRAP Stage-IV के तहत क्या-क्या सख्त पाबंदियां?
- निर्माण कार्य पूरी तरह बंद
- डीज़ल जनरेटर पर सख्ती
- गैर-जरूरी भारी वाहनों की एंट्री पर रोक
- सार्वजनिक और निजी संस्थानों में WFH को बढ़ावा






