222 साल से पानी में डूबी हैं 4 मंज़िलें, फिर भी अडिग खड़ा है ये महल – जानिए जल महल का हैरान कर देने वाला रहस्य!

Floating Palace of India : भारत अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और अद्वितीय वास्तुकला के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, लेकिन राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित जल महल (Jal Mahal) इन सभी से कहीं अलग और रहस्यमयी है। यह कोई साधारण महल नहीं, बल्कि भारतीय इंजीनियरिंग और वास्तुशिल्प कौशल का ऐसा चमत्कार है, जिसकी चार मंज़िलें पिछले 222 वर्षों से पानी में डूबी होने के बावजूद आज तक सुरक्षित हैं।
मानसागर झील के बीच खड़ा रहस्य
जयपुर–आमेर मार्ग पर स्थित मान सागर झील के बीचों-बीच खड़ा जल महल दूर से देखने पर पानी की सतह पर तैरता हुआ प्रतीत होता है। यही वजह है कि इसे अक्सर ‘तैरता महल’ (Jal Mahal)कहा जाता है। झील लगभग 300 एकड़ क्षेत्रफल में फैली है और इसकी अधिकतम गहराई करीब 4 मीटर बताई जाती है।
कब और क्यों हुआ जल महल का निर्माण?
इतिहासकारों के अनुसार, जल महल (Jal Mahal) का मूल निर्माण 1699 के आसपास हुआ था, जबकि 18वीं सदी की शुरुआत में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने इसका विस्तार और पुनर्निर्माण करवाया। इसका उपयोग मुख्य रूप से शाही परिवार के विश्राम, रानियों के स्नान और ग्रीष्मकालीन निवास के लिए किया जाता था।

पाँच मंज़िला महल, जो पानी में नहीं डूबा
जल महल (Jal Mahal) कुल पाँच मंज़िला है, लेकिन जब झील पूरी तरह भर जाती है, तो इसकी चार मंज़िलें पूरी तरह पानी में समा जाती हैं। बाहर से पर्यटकों को केवल ऊपरी मंज़िल ही दिखाई देती है। आश्चर्य की बात यह है कि सदियों तक पानी, नमी और दबाव के बावजूद महल की संरचना को कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुँचा।
इंजीनियरिंग का रहस्य: कैसे बची रही नींव?
लाल बलुआ पत्थर से निर्मित जल महल (Jal Mahal) की नींव झील के तल में बनाई गई मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें प्राचीन भारतीय वॉटरप्रूफिंग तकनीकों का इस्तेमाल हुआ था। पारंपरिक चूना, रेत और सुर्खी के साथ गुड़, गुग्गल और मेथी पाउडर जैसे ऑर्गेनिक मटीरियल से तैयार प्लास्टर ने इसे पानी से सुरक्षित रखा।
छत पर बसा था शाही बगीचा
जल महल (Jal Mahal) की सबसे ऊपरी मंज़िल पर कभी एक भव्य रूफ गार्डन हुआ करता था, जिसमें चारों दिशाओं में बनी तिबारियाँ और अष्टकोणीय छतरियाँ थीं। यह बगीचा गर्मियों में महल को ठंडा रखने में मदद करता था। हाल के वर्षों में आमेर महल की तर्ज़ पर इस रूफ गार्डन को दोबारा विकसित करने की योजना पर काम हुआ है।
संरक्षण और आधुनिक विकास
2004 में राजस्थान टूरिज़्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने जल महल रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को PPP मॉडल के तहत 99 साल की लीज़ दी। इसके बाद से झील की सफाई, इकोलॉजिकल रिस्टोरेशन और महल के संरक्षण का कार्य किया गया, ताकि इसे एक प्रमुख इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सके।
आज का जल महल
आज भी पर्यटकों को सुरक्षा कारणों से महल के अंदर जाने की अनुमति नहीं है, लेकिन मान सागर झील के किनारे से जल महल (Jal Mahal) का दृश्य, खासकर शाम की रोशनी में, एक अविस्मरणीय अनुभव देता है। यह महल (Jal Mahal) न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत की ऐतिहासिक और इंजीनियरिंग विरासत का गौरव है।






