सिरसा में लगेगा हाईटेक किन्नू जूस प्लांट, किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
26.39 करोड़ की लागत से बनेगा प्रोसेसिंग यूनिट, PPP मॉडल पर 33 साल के लिए होगा संचालन


चंडीगढ़/सिरसा: हरियाणा सरकार ने किन्नू उत्पादक किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने और राज्य की फल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसी कड़ी में सिरसा में अत्याधुनिक किन्नू जूस प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट वीटा मिल्क प्लांट परिसर में करीब 26.39 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा।
इस परियोजना की समीक्षा मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने एक उच्चस्तरीय बैठक में की, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
PPP मॉडल पर होगा विकास
यह किन्नू जूस प्लांट सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा, जिसकी रियायत अवधि 33 वर्ष तय की गई है। परियोजना के तहत हरियाणा डेयरी द्वारा लगभग तीन एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निजी साझेदार संयंत्र निर्माण, मशीनरी स्थापना और संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा।
इस मॉडल से सरकार, निजी निवेशक और किसानों—तीनों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
किन्नू उत्पादन में सिरसा की बड़ी भूमिका
हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन के प्रबंध निदेशक रोहित यादव के अनुसार, राज्य में हर साल लगभग 4.40 लाख मीट्रिक टन किन्नू का उत्पादन होता है। इसमें अकेले सिरसा जिले का योगदान करीब 55 प्रतिशत है, जो इसे इस परियोजना के लिए सबसे उपयुक्त स्थान बनाता है।
हरियाणा में फल उत्पादन, खासकर किन्नू की खेती, पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। हालांकि, प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी के कारण किसानों को कई बार उचित मूल्य नहीं मिल पाता। ऐसे में सरकार द्वारा जूस प्लांट स्थापित करने का फैसला लंबे समय से उठ रही मांग को पूरा करता है।
इस तरह की परियोजनाएं कृषि को वैल्यू एडिशन से जोड़कर किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में अहम भूमिका निभाती हैं।







