पिंजौर से शुरू हुई ‘हिंद की चादर’ यात्रा: गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष पर हरियाणा में गूंजे “धरम दी चादर” के जयकारे, पीएम मोदी होंगे मुख्य अतिथि

हरियाणा की पवित्र भूमि पिंजौर मंगलवार को ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष की कीर्तन यात्रा की शुरुआत का साक्षी बनी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार, गांव गोरखनाथ में अरदास कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक अंबाला का नाम गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की घोषणा करते हुए कहा —गुरु तेग बहादुर केवल सिखों या भारत के नहीं, बल्कि पूरे विश्व के मानवाधिकारों के प्रथम महानायक हैं। उन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
गुरु जी के तप, त्याग और धर्म रक्षा का संदेश जन-जन तक
‘हिंद की चादर’ यात्रा का उद्देश्य गुरु जी के तप, त्याग, विचार और धर्म रक्षा के संदेश को हर घर तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार महापुरुषों और गुरुओं के पर्वों को भव्य स्तर पर मना रही है। श्री गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती की तरह अब गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष भी राज्य स्तर पर श्रद्धा और गौरव के साथ मनाया जा रहा है।
इस आयोजन की अगुवाई हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार जगदीश सिंह झिंडा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि चार पवित्र नगर कीर्तन यात्राएं प्रदेश के सभी जिलों से होकर गुजरेंगी।
24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होगा समापन, पीएम मोदी करेंगे 25 नवंबर को महासमागम में शिरकत
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह दूसरी नगर कीर्तन यात्रा 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में अपने गंतव्य पर पहुंचेगी।
25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी वर्ष के महासमागम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।






