IPS आत्महत्या मामला गरमाया: सांसद वरुण चौधरी ने उठाई निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग, चंडीगढ़ प्रशासक को सौंपा मांग पत्र

चंडीगढ़, 10 अक्टूबर 2025: हरियाणा कैडर के 2001 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। अंबाला से कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को इस मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए औपचारिक मांग पत्र सौंपा।
इस दौरान उनके साथ बठिंडा ग्रामीण के विधायक और आईएएस अमनीत पी कुमार के भाई अमित रतन भी मौजूद थे। सांसद ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जातिगत उत्पीड़न और संस्थागत भेदभाव का नतीजा है, जिसकी जांच न्यायिक स्तर पर होनी चाहिए।
मांग पत्र में रखी गई प्रमुख मांगें:
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हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कमेटी गठित की जाए।
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एफआईआर में नामजद दो मुख्य आरोपियों के नाम कॉलम नंबर 7 में जोड़े जाएं।
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आत्महत्या मामले में SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(5) को जोड़ा जाए।
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पीड़ित परिवार को चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।
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जिन अधिकारियों का नाम सुसाइड नोट में उल्लेखित है, उन्हें तत्काल पदमुक्त किया जाए ताकि जांच निष्पक्ष हो सके।
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चंडीगढ़ पुलिस द्वारा जब्त दस्तावेजों की प्रतियां परिवार को तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप
सांसद वरुण चौधरी ने कहा कि आईपीएस वाई पूरण कुमार ने अपने सुसाइड नोट में जातिगत अत्याचार का साफ-साफ उल्लेख किया है। उन्होंने इसे सिर्फ एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि एक संस्थागत विफलता बताया और कहा कि यह घटना पूरे देश को झकझोरने वाली है।






