Haryana News: अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में ब्रह्मसरोवर हुआ आलोकित, शिल्पकला–संगीत–लोक संस्कृति का भव्य संगम

Haryana News : हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 अपने चरम पर है, और इसका सबसे मनमोहक दृश्य लगभग 3.4 किलोमीटर परिधि वाले पवित्र ब्रह्मसरोवर के तट पर देखने को मिल रहा है। लहराता हुआ सरोवर, पौराणिक कथाओं को दर्शाती टेराकोटा प्रतिमाएं और देशभर से आए लोक कलाकार—यह सब मिलकर इस महोत्सव को एक दिव्य अनुभव बना रहे हैं।
ब्रह्मसरोवर के घाटों पर बनी टेराकोटा रिलीफ वर्क प्रतिमाएं, महाभारत के युद्ध और गीता उपदेश को ऐसे प्रदर्शित कर रही हैं, मानो पूरा इतिहास जीवंत हो उठा हो। सरोवर की लहरें ढोल-नगाड़ों और बीन की थाप के साथ ताल मिलाती नजर आती हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
लोक संस्कृति ने बदली ब्रह्मसरोवर की फिज़ा
21 दिन तक चलने वाले इस अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में अलग-अलग राज्यों से आए लोक कलाकार,विलुप्त होती लोक कलाओं का प्रदर्शन,शिल्पकारों की अद्भुत हस्तकला,सरोवर किनारे संगीत व नृत्य की प्रस्तुतियाँ सभी ने मिलकर ब्रह्मसरोवर परिसर को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया है। 3600 मीटर लंबाई और 1500 मीटर चौड़ाई वाले इस विशाल सरोवर के चारों ओर फैला सांस्कृतिक माहौल पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।
कुरुक्षेत्र: धर्मक्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कुरुक्षेत्र वह पुण्य भूमि है जहाँ कौरवों और पांडवों के बीच महाभारत का युद्ध हुआ,भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया।राजा कुरु ने कठोर तप कर इसे धर्मभूमि बनाने का वरदान प्राप्त किया। गीता महोत्सव इसी पवित्र इतिहास का जीवंत उत्सव है।
प्रतियोगिताओं में दिखी विद्यार्थियों की चमक
महोत्सव के दौरान शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित गीता आधारित राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुईं। चार दिनों तक राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल का परिसर गीता माहौल में रंगा रहा।
प्रतियोगिता Highlights:
- कुल 1200 विद्यार्थियों ने 6 विधाओं में प्रतिभा दिखाई
- कक्षा 6 से 8 वर्ग में कुरुक्षेत्र जिला — ओवरऑल विजेता
- कक्षा 9 से 12 वर्ग में कुरुक्षेत्र व सोनीपत जिला — संयुक्त ओवरऑल चैंपियन
- इस आयोजन ने बच्चों में गीता शिक्षाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को नई ऊर्जा प्रदान की।






