Breaking NewsHaryanaLatest NewsTrending News

हरियाणा CM का बड़ा ऐलान: “विज्ञान को लैब से बाहर निकालो, हर घर तक पहुंचाओ”—IISF 2025 में नई टेक्नोलॉजी क्रांति का आह्वान

Haryana News : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे विज्ञान को प्रयोगशालाओं की दीवारों से बाहर निकालकर उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। जब उनका ज्ञान एक किसान की फसल बढ़ाता है, जब शोध एक मरीज की बीमारी ठीक करता है, जब नवाचार एक उद्यमी को सशक्त करता है, तभी विज्ञान सही मायने में ’समृद्धि’ लाता है।

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समारोह में स्टूडेंटस साईंस एंड टैक्नोलॉजी विलेज का उद्घाटन किया। इस विलेज को आधुनिक भारत का ’नया नालंदा’ की संज्ञा दी गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों में गहरी रूचि दिखाई।

 

युवा, छात्र और वैज्ञानिक देश की वह पीढ़ी हैं जो भारत को विकसित बनाएगी

_Nayab Singh Saini iisf 2025 -6मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विज्ञान केवल करियर नहीं है, राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। युवा, छात्रों और वैज्ञानिकों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वे ही भारत की वह पीढ़ी हैं जो भारत को विकसित बनाएगी। उन्होंने सभी वैज्ञानिकों, शोध संस्थानों, उद्योग जगत और स्टार्ट-अप्स से अनुरोध किया कि सब मिलकर विज्ञान आधारित विकास मॉडल बनाएं, जो हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण जीवन दे, भारत को वैश्विक नेतृत्व प्रदान करे और पर्यावरण की सुरक्षा कर इस धरती पर सतत भविष्य सुनिश्चित करे।

 

हरियाणा को दूसरी बार साईंस फेस्टिवल की मेजबानी मिलना गौरव की बात

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह का आभार प्रकट करते है कि उन्होंने इतने बड़े साइंस फेस्टिवल के लिए हरियाणा को दूसरी बार मेजबानी का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि इस 4 दिवसीय ’विज्ञान महाकुंभ’ में देश-विदेश के 40 हजार से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इस कार्यक्रम में विशेष रूप से जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख तथा उत्तर और पश्चिम राज्यों के युवाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि देश का हर क्षेत्र वैज्ञानिक प्रगति के पथ पर साथ चल सके।

यह साइंस फेस्टिवल भी प्रधानमंत्री के ’विकसित राष्ट्र’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक ठोस कदम

_Nayab Singh Saini iisf 2025 -6साइंस फेस्टिवल का उल्लेख करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह पर्व विज्ञान, नवाचार, स्टार्ट अप ऊर्जा, भविष्य की तकनीक और नए भारत के सपनों का संगम है। उन्होंने कहा कि इस साइंस फेस्टिवल का थीम ’आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान से समृद्धि’ अत्यंत प्रासंगिक है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को ’विकसित राष्ट्र’ बनाने का संकल्प रखा है। उनके नेतृत्व में भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। भारत अपने बलबूते चांद, सूरज व अंतरिक्ष का अध्ययन करने वाले, क्वांटम तकनीक से लेकर डीप-टेक, ए.आई., ड्रोन और बायोटेक्नोलॉजी तक में संसार के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। यह साइंस फेस्टिवल भी प्रधानमंत्री के ’विकसित राष्ट्र’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि आज विज्ञान नीति निर्माण का आधार है और नई तकनीक विकास का इंजन है। इस महोत्सव का एक और उद्देश्य प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता को विश्व पटल पर दिखाना है।

सरकर का लक्ष्य हरियाणा को औद्योगिक विकास में ही नहीं, विज्ञान आधारित विकास में भी देश का अग्रणी राज्य बनाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य हरियाणा को औद्योगिक विकास में ही नहीं, बल्कि विज्ञान आधारित विकास में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। स्कूलों में विज्ञान के प्रति विद्यर्थियों की रूचि पैदा करने के लिए विज्ञान प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है। इसके तहत 11वीं व 12वीं कक्षा में विज्ञान पढ़ने वाले 1,500 छात्रों को 1 हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है। स्नातक कक्षा के छात्रों को 4 हजार रुपये तथा स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को 6 हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है। इनके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान ओलम्पियाड में पदक जीतने व भाग लेने वाले छात्रों को सम्मानित करने की भी योजना चलाई जा रही है। उन्हें 5 लाख रुपये तक के नकद इनाम दिए जाते हैं। इसी प्रकार, कनिष्ठ विज्ञान ओलंपियाड के स्वर्ण पदक विजेताओं को भी 2 लाख 50 हजार रुपये तक के नकद इनाम दिए जाते हैं।

सरकार युवा वैज्ञानिकों को भी प्रोत्साहित कर रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार युवा वैज्ञानिकों को भी प्रोत्साहित कर रही हैं। इसके लिए 40 वर्ष से अधिक आयु के दो प्रख्यात वैज्ञानिकों को प्रत्येक वर्ष ’हरियाणा विज्ञान रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। प्रदेश के 40 वर्ष से कम आयु के दो प्रख्यात वैज्ञानिकों को भी प्रत्येक वर्ष ’हरियाणा युवा विज्ञान रत्न’ पुरस्कार दिया जाता है।

Author

  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
ज्वेलरी से ज्यादा चमकीं तमन्ना वरुण धवन ने छुए सनी देओल के पैर! 2025 में इन अभिनेत्रियों ने Google पर मचाया तहलका