अब गरीबी इलाज में बाधा नहीं बनेगी: हरियाणा में 3,900 से अधिक ऑपरेशन, स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा एलान

Haryana News : हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 17 से 22 नवंबर 2025 के बीच राज्यभर में आयोजित विशेष शल्य चिकित्सा शिविरों में 3,939 सफल ऑपरेशन कर नए रिकॉर्ड स्थापित किए गए। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि अब राज्य में गरीबी किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा नहीं बनने दी जाएगी। इन शिविरों का उद्देश्य उन्नत और महंगी स्वास्थ्य सुविधाओं को सबसे गरीब और ज़रूरतमंद वर्ग तक बिना किसी आर्थिक रुकावट के पहुँचाना था।
6 दिन में 3,939 ऑपरेशन — बड़ा ऑपरेशन 3,114, छोटे 825
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि शिविरों में राज्यभर के विशेषज्ञ डॉक्टरों और सर्जिकल टीमों ने मिलकर कुल-3,114 बड़े ऑपरेशन,825 छोटे ऑपरेशन किए। यह आंकड़ा हरियाणा के स्वास्थ्य ढांचे की क्षमता और सरकार की संवेदनशीलता दोनों को दर्शाता है। पीएम-जेएवाई और चिरायु योजना से मिली मुफ्त इलाज की सुविधा शिविरों के दौरान लोगों को दो प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं से बड़ी आर्थिक राहत मिली- 2,074 मरीजों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) का लाभ,661 मरीजों ने चिरायु योजना के तहत मुफ्त या किफायती उपचार प्राप्त किया, इससे हजारों परिवारों के लाखों रुपये की बचत हुई और यह साबित हुआ कि आर्थिक स्थिति अब स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा नहीं बनेगी।
जिला-वार प्रमुख उपलब्धियाँ (District Highlights)
✔ मोतियाबिंद ऑपरेशन:
भिवानी — 230 (सबसे अधिक)
रोहतक — 151
✔ पित्त की थैली (Gallbladder) के लेप्रोस्कोपी ऑपरेशन:
पंचकूला — 36 (सबसे अधिक)
फरीदाबाद — 25
✔ घुटना प्रत्यारोपण (TKR):
रोहतक — 4
महेंद्रगढ़ — 4
झज्जर — 4
✔ कान के बड़े व छोटे ऑपरेशन (कुल):
करनाल — 158 (21 बड़े + 137 छोटे)
✔ महिला नलबंदी (Tubectomy):
सोनीपत — 72 (सबसे अधिक)
पलवल — 56
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि यह शिविर केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर सफल रहे।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का बड़ा बयान
मंत्री ने कहा-“हर व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गरीबी किसी भी नागरिक को उपचार से वंचित नहीं कर सकती और ये विशेष शल्य चिकित्सा शिविर इसका प्रमाण हैं।” उन्होंने चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि शिविरों की सफलता आगे स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की प्रेरणा देती है।






