‘यहां ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए’ — शीतकालीन सत्र से पहले PM मोदी का विपक्ष पर सीधा वार; कहा, पराजय की निराशा छोड़ संसद में दें सहयोग

Parliament Session : संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है और 19 नवंबर तक चलेगा। दोनों सदनों में कुल 15-15 बैठकें होंगी। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया और विपक्ष पर तीखा हमला किया।
PM मोदी ने कहा कि “संसद में ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सत्र केवल एक परंपरा नहीं है बल्कि देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
बिहार चुनाव का उदाहरण देकर विपक्ष पर निशाना
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत ने लोकतंत्र को जिया है। उन्होंने कहा-“विपक्ष बिहार के नतीजों से परेशान है, उन्हें पराजय की निराशा से बाहर निकलना चाहिए।” PM मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है, लेकिन संसद का मंच देशहित के लिए काम करने का स्थान है।
सत्र में कई मुद्दों पर टकराव के आसार
शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले ही संकेत मिल गए हैं कि माहौल गरम रहने वाला है।
विपक्ष की प्रमुख मांगें : SIR (Special Intensive Revision),आंतरिक सुरक्षा,लेबर कोड पर तत्काल चर्चा,
सरकार का फोकस: वंदे मातरम् से जुड़े विषयों पर चर्चा,विकास से जुड़े विधेयकों को आगे बढ़ाना, ऐसे में सत्र के हंगामेदार होने के पूरे संकेत हैं।
PM मोदी का एजेंडा साफ—“डिलीवरी” पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद का काम देश के विकास, जनता के सवालों और भविष्य की योजनाओं पर आगे बढ़ना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि—“यह सत्र ऊर्जा से भरे और राष्ट्रहित में काम हो। ड्रामा करके समय खराब न किया जाए।”
19 नवंबर तक चलेगा अहम सत्र
15 दिनों का छोटा सत्र होने के बावजूद इसमें कई महत्वपूर्ण बिल, आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे, लेबर रिफॉर्म और SIR विवाद जैसे मुद्दों पर तीखी बहस होने की उम्मीद है।






