PM मोदी ने श्री ब्रह्मरंबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में की पूजा, शिवाजी स्पूर्ति केंद्रम का भी किया दौरा

श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज का आंध्र प्रदेश दौरा आध्यात्मिकता और राष्ट्र गौरव से सराबोर रहा। पीएम मोदी ने श्रीशैलम स्थित प्रसिद्ध श्री ब्रह्मरंबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और इसके बाद श्री शिवाजी स्पूर्ति केंद्रम का दौरा किया। यह दौरा न केवल उनकी आस्था को दर्शाता है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को भी उजागर करता है।
ज्योतिर्लिंग और शक्ति पीठ में की पूजा
श्री ब्रह्मरंबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर, जो द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है और शक्ति पीठ के रूप में भी पूजित है, वहां प्रधानमंत्री ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा संपन्न की। उन्होंने देशवासियों के कल्याण, समृद्धि और शांति की कामना की।

मंदिर में पीएम की उपस्थिति से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। यह दौरा मोदी के उस पक्ष को सामने लाता है जहां वह भारतीय सभ्यता और धार्मिक परंपराओं के साथ गहरा भावनात्मक संबंध रखते हैं।
शिवाजी स्पूर्ति केंद्रम में छत्रपति की वीरगाथा को किया नमन
प्रधानमंत्री मोदी ने श्री शिवाजी स्पूर्ति केंद्रम का दौरा कर मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, शौर्य और आदर्शों से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि “शिवाजी महाराज की वीरता और राष्ट्रप्रेम आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन हमें निडर होकर राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता है।”
इस केंद्र में शिवाजी महाराज की जीवन यात्रा, युद्ध कौशल और प्रशासनिक प्रतिभा को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है, जो देश की नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व का मार्ग दिखाता है।
दृश्य जो भावनाओं से भर गए
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। पारंपरिक वेशभूषा में पूजा करते हुए और शिवाजी केंद्र का अवलोकन करते हुए उनकी तस्वीरों ने लोगों के बीच गहरी छाप छोड़ी है।
एकता, आस्था और प्रेरणा का संगम
प्रधानमंत्री का यह दौरा एक बार फिर यह संदेश देता है कि आधुनिक भारत का नेतृत्व अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है — जहाँ विज्ञान और तकनीक की प्रगति के साथ-साथ आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत को भी समान रूप से महत्व दिया जाता है।






