पंजाब बजट 2025-26: ₹2.36 लाख करोड़ के बजट में महिलाओं को बड़ी सौगात, हर महीने मिलेंगे ₹1000–₹1500
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹2,36,080 करोड़ का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट प्रस्तुत करते हुए राज्य के विकास को तेज करने और सामाजिक योजनाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया। सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग, ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कई नई घोषणाएं की हैं।
सबसे बड़ी घोषणा महिलाओं के लिए की गई है। “मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सत्कार योजना” के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने ₹1000 और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को ₹1500 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
महिलाओं के लिए नई योजना
बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। नई योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे घरेलू खर्च और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा राज्य में महिलाओं के लिए पहले से लागू मुफ्त बस यात्रा योजना भी जारी रहेगी, जिसके लिए ₹450 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पंजाब की अर्थव्यवस्था पर सरकार का दावा
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। चालू वित्त वर्ष में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर लगभग 9 प्रतिशत दर्ज की गई है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) लगभग ₹8.09 लाख करोड़ तक पहुंच गया है और अगले वित्त वर्ष में इसमें करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
नशे के खिलाफ सख्ती और सीमा सुरक्षा
राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ चल रहे “युद्ध नशे दे विरुद्ध” अभियान को और तेज करने का फैसला किया है। सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने के लिए 5,000 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी, जो सीमा सुरक्षा बल के साथ मिलकर दूसरी सुरक्षा पंक्ति के रूप में काम करेंगे।
सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी रोकने के लिए अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। इन सुरक्षा उपायों के लिए ₹110 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही पंजाब में पहली बार “ड्रग सेंसस” कराने की घोषणा की गई है। इस सर्वे के जरिए नशे की समस्या और उससे जुड़े सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए ₹150 करोड़ का बजट तय किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े कदम
राज्य में अब तक 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए जा चुके हैं, जहां लोगों को मुफ्त जांच, इलाज और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार ने स्वास्थ्य बीमा योजना का विस्तार करते हुए पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। इसके लिए ₹778 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। पूरे स्वास्थ्य विभाग के लिए कुल ₹5,598 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण और शहरी विकास पर फोकस
ग्रामीण विकास के लिए “बदलदे पिंड, बदलदा पंजाब” योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत राज्य के 12,581 गांवों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के लिए ₹3,500 करोड़ का बजट रखा गया है।साथ ही लगभग 18,944 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण और सुधार किया जाएगा, जिस पर ₹2,873 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
शहरी क्षेत्रों में लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और मोहाली में विश्वस्तरीय सड़कों का निर्माण किया जाएगा। पहले चरण में करीब 50 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी। इसके अलावा शहरी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ₹225 करोड़ और 347 नई ई-बसें खरीदने की घोषणा की गई है।
बिजली, उद्योग और कृषि के लिए प्रावधान
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए ₹7,614 करोड़ का बजट रखा गया है। औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति लाई जाएगी और इस क्षेत्र के लिए ₹250 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए ₹14,524 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मक्का की खेती पर प्रति हेक्टेयर ₹17,500 की सब्सिडी दी जाएगी। पराली प्रबंधन के लिए ₹500 करोड़ और भूसा आधारित बॉयलर अपनाने वाले उद्योगों के लिए ₹60 करोड़ की सब्सिडी भी दी जाएगी। किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए ₹9,992 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए बड़ा बजट
राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय और कल्याण योजनाओं के लिए ₹9,340 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके तहत बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत ₹13,987 करोड़ का बजट तय किया गया है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
बजट पेश करने से पहले निभाई परंपरा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट पेश करने से पहले घर से निकलते समय अपनी माता मंजीत कौर का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने शहीद भगत सिंह और डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी तथा मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की।






