हरियाणा में डिजिटल क्रांति! CM नायब सिंह सैनी ने लॉन्च किए दो नए ऐप, बदलेगा टैक्स सिस्टम – जानिए

Haryana News | Digital Transformation in Tax System
हरियाणा में शासन-प्रशासन को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12 दिसंबर को आबकारी एवं कराधान विभाग की दो महत्वपूर्ण डिजिटल पहल—‘कर हितैषी मोबाइल ऐप’ और छह नई ऑनलाइन आबकारी सेवाओं का शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक-आधारित बनाना है।
क्या है ‘कर हितैषी मोबाइल ऐप’?
सीएम द्वारा लॉन्च किया गया यह ऐप आम नागरिकों को जीएसटी चोरी, फर्जी बिलिंग, गलत ITC क्लेम, बिना पंजीकरण कारोबार, बिल न देने, व लेन-देन छिपाने जैसी अनियमितताओं की रिपोर्ट करने की सुविधा देता है।
ऐप की प्रमुख विशेषताएं:
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रिपोर्ट पूरी तरह गोपनीय रहेगी।
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नागरिक फोटो, वीडियो या डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर सकेंगे।
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फील्ड ऑफिसर्स को सूचना देने वाले की पहचान दिखाई नहीं जाएगी।
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शिकायत पर विभागीय टीम तत्काल जांच व कार्रवाई करेगी।
सीएम सैनी के अनुसार यह पहल स्वैच्छिक रिपोर्टिंग को बढ़ावा देगी और GST प्रशासन को और सुदृढ़ बनाएगी।
6 नई ऑनलाइन आबकारी सेवाओं का शुभारंभ
हरियाणा सरकार ने एथेनॉल, ENA (Extra Neutral Alcohol) और Denatured Spirit से जुड़े अनुमतियों को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है।
अब क्या मिलेगा ऑनलाइन?
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एथेनॉल और ENA के आयात-निर्यात अनुमोदन
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डिनेचर्ड स्प्रिट के आयात-निर्यात अनुमोदन
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रियल-टाइम डैशबोर्ड पर माल की आवाजाही की निगरानी
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डिजिटल हस्ताक्षरित परमिशन लेटर डाउनलोड
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आवेदन की ऑनलाइन ट्रैकिंग
इससे न केवल कागजी कार्यवाही घटेगी, बल्कि दुरुपयोग रोकने और उद्योगों को तेज, पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने में मदद मिलेगी।
सीएम ने निर्देश दिए कि ब्रांड लेबल पंजीकरण और लाइसेंसिंग मॉड्यूल को भी तुरंत ऑनलाइन किया जाए।
राजस्व प्रदर्शन में हरियाणा देशभर में आगे
बैठक में विभाग ने रिपोर्ट पेश की कि:
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हरियाणा ने नेट SGST में 21% की वृद्धि दर्ज की
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राष्ट्रीय औसत वृद्धि मात्र 6%
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नवंबर 2025 में राज्य का नेट SGST: 3,835 करोड़ (17% ज्यादा)
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चालू वित्त वर्ष में कुल GST संग्रह: 83,606 करोड़ (7% वृद्धि)
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देशभर में हरियाणा की GST रैंकिंग चौथे स्थान पर
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राज्य में कुल 6,03,389 GST पंजीकृत करदाता (2018–2025 के बीच 6.11% वार्षिक वृद्धि)
सीएम ने विभाग की कार्यप्रणाली, लंबित वसूली, प्रवर्तन और वैट/GST सुधारों की भी समीक्षा की।






