राहुल गांधी–रवनीत बिट्टू विवाद पर PM मोदी बोले— “सिख सांसद को गद्दार कहना पूरे सिख समाज का अपमान”
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा भाजपा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को “गद्दार” कहे जाने के मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है और पार्टी पर “सिख विरोधी मानसिकता” रखने का गंभीर आरोप लगाया है।
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस का अहंकार अब चरम पर पहुंच चुका है और वह सिख समुदाय का खुलेआम अपमान कर रही है।
कांग्रेस के युवराज ने सिख सांसद को गद्दार कहा : PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “कल कांग्रेस के राजकुमार ने एक सांसद को गद्दार कह दिया। कांग्रेस छोड़कर जाने वाले कई नेताओं को कभी गद्दार नहीं कहा गया, लेकिन रवनीत बिट्टू को गद्दार इसलिए कहा गया क्योंकि वह सिख हैं।”प्रधानमंत्री ने इसे केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सिख समाज का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बयान पर संसद में माफी मांग सकती थी, लेकिन सिखों के प्रति नफरत के कारण उन्होंने ऐसा नहीं किया।
राजनीतिक विचार बदलना गद्दारी नहीं
प्रधानमंत्री मोदी ने सवाल उठाते हुए कहा,“क्या किसी नेता का राजनीतिक विचार बदल लेना उसे गद्दार बना देता है? जिनके परिवार ने देश के लिए बलिदान दिए हों, उन्हें इस तरह अपमानित करना देश कैसे स्वीकार करेगा?” उन्होंने “गद्दार” जैसे शब्दों के इस्तेमाल को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा लोकतंत्र, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता के लिए खतरनाक है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद बुधवार को संसद परिसर के मकर द्वार के पास उस समय शुरू हुआ, जब बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। राहुल गांधी इन सांसदों के समर्थन में वहां मौजूद थे। इसी दौरान बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे। आरोप है कि तभी राहुल गांधी ने टिप्पणी करते हुए कहा—“देखिए, यहां एक गद्दार चला आ रहा है… मेरे गद्दार दोस्त।” इस पर सांसद रवनीत बिट्टू ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी को “देश का दुश्मन” बता दिया ।
हाथ मिलाने की कोशिश, लेकिन और बढ़ गया विवाद
घटना के दौरान राहुल गांधी ने बिट्टू से हाथ मिलाने की कोशिश की। हालांकि, सांसद रवनीत बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और सीधे संसद भवन के अंदर चले गए। कांग्रेस द्वारा जारी एक वीडियो में बिट्टू को प्रदर्शन कर रहे सांसदों की ओर इशारा करते हुए “देश के दुश्मन” कहते हुए देखा जा सकता है।
बिट्टू का पलटवार: “केवल एक सिख को ही गद्दार क्यों?”
बाद में रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा,“उन्होंने यह बात बाकी सांसदों से क्यों नहीं कही? सिर्फ एक सिख को ही गद्दार क्यों कहा गया?” उन्होंने राहुल गांधी को सोनिया गांधी का “बिगड़ा हुआ बेटा” बताते हुए कांग्रेस के सिख विरोधी इतिहास की भी याद दिलाई।
बेअंत सिंह का जिक्र और 1984 की घटनाएं
बिट्टू ने कहा कि वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में स्वर्ण मंदिर पर हमला, गुरु ग्रंथ साहिब पर गोलियां चलाना और पंजाब में निर्दोष लोगों की हत्या जैसी घटनाएं हुईं। रवनीत बिट्टू बोले -पहले जब तक मैं कांग्रेस में था, तब सब ठीक था। लेकिन भाजपा में आते ही मैं गद्दार हो गया?
“कांग्रेस की ओर से इस बयान पर अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या माफी सामने नहीं आई है।”
सियासत गरम, बयानबाजी तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद से लेकर सियासी गलियारों तक माहौल गर्मा गया है। भाजपा इसे सिख समाज के अपमान से जोड़कर देख रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से अब तक इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक माफी या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।






