Latest NewsNationalTrending News

RAS Officer Pawan Kumar Prajapat Success Story: 50 रुपये दिहाड़ी से RAS ऑफिसर तक का सफर

जयपुर। कहते हैं — “मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती।” राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले पवन कुमार प्रजापत (Pawan Kumar Prajapat) ने इस बात को सच कर दिखाया है। गरीबी, जिम्मेदारियों और मुश्किल हालातों के बावजूद उन्होंने वह मुकाम हासिल किया, जिसका सपना हर युवा देखता है। कभी घर-घर जाकर सब्जियां बेचने वाले और 50 रुपये दिहाड़ी पर मजदूरी करने वाले पवन आज RAS ऑफिसर हैं।

गरीब किसान परिवार से शुरू हुआ सफर

पवन का जन्म राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक गरीब किसान परिवार में हुआ। बचपन से ही परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उन्होंने गांव के सरकारी स्कूल से 5वीं तक पढ़ाई की, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ घर की जिम्मेदारियां भी बढ़ती गईं। स्कूल की छुट्टियों में वे मजदूरी कर घर का खर्च चलाने में पिता का हाथ बंटाते थे।

घर चलाने के लिए सब्जी बेची, पढ़ाई छूट गई

10वीं क्लास तक पहुंचते-पहुंचते हालात इतने कठिन हो गए कि पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो गया। पवन ने घर-घर जाकर सब्जी बेचनी शुरू की ताकि परिवार का खर्च चल सके। इंग्लिश में कमजोर होने और आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी।

RAS Officer Pawan Kumar Prajapat

50 रुपये की दिहाड़ी पर की मजदूरी

साल 2007-08 में पवन (Pawan Kumar Prajapat) ने एक फैक्ट्री में मजदूरी शुरू की। वहां वे बाल्टी लेकर लोगों को खाना खिलाने का काम करते थे। पूरे दिन की मेहनत के बदले उन्हें मात्र 50 रुपये की दिहाड़ी मिलती थी। लेकिन उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी।

खेत में काम करते हुए मिली नई दिशा

एक दिन खेत में काम करते हुए गांव के एक शख्स ने उन्हें दोबारा पढ़ाई शुरू करने की सलाह दी। यह बात पवन के दिल में बैठ गई। अगले दिन वे स्कूल पहुंचे और 12वीं में दाखिला लिया — भले ही सत्र शुरू हो चुका था। यही से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।

चपरासी की नौकरी और फिर रेलवे में सिलेक्शन

12वीं पास करने के बाद उन्होंने (Pawan Kumar Prajapat) प्राइवेट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और साथ ही सरकारी नौकरी की तैयारी भी जारी रखी। साल 2012 में वे भारतीय सेना में चपरासी पद पर चयनित हुए। इसके बाद 2013 में रेलवे में जूनियर अकाउंट क्लर्क की नौकरी मिली। नौकरी के साथ वे लगातार पढ़ाई करते रहे।

ऐसे बने RAS ऑफिसर

नौकरी के दौरान किसी ने उन्हें राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (RAS) परीक्षा के बारे में बताया। उन्होंने 2018 में पहली बार परीक्षा दी, लेकिन असफल रहे। हार मानने की बजाय उन्होंने और मेहनत की।
दूसरे प्रयास में, RAS 2021 परीक्षा में 170वीं रैंक हासिल की और (Pawan Kumar Prajapat) RAS ऑफिसर बन गए। वर्तमान में वे नगर परिषद जैसलमेर में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।

अब UPSC की तैयारी में जुटे

RAS बनने के बाद भी पवन का सफर थमा नहीं है। वे (Pawan Kumar Prajapat) अब UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, ताकि देश की सेवा एक बड़े स्तर पर कर सकें।

(All Photos Credit: instagram.com/pawankumar_ras2021)

Author

  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
ज्वेलरी से ज्यादा चमकीं तमन्ना वरुण धवन ने छुए सनी देओल के पैर! 2025 में इन अभिनेत्रियों ने Google पर मचाया तहलका