Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस की पहली परेड कहां हुई थी? 21 तोपों की सलामी का क्या है रहस्य? जानिए 10 ऐतिहासिक तथ्य

Republic Day 2026 Special : भारत हर साल 26 जनवरी को पूरे सम्मान, गौरव और देशभक्ति के साथ गणतंत्र दिवस मनाता है। यह वही दिन है जब 1950 में भारतीय संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना।
वर्ष 2026 में भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यह दिन केवल परेड और झांकियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संविधान की ताकत, लोकतंत्र की नींव और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का अवसर है।
आइए जानते हैं गणतंत्र दिवस और भारतीय संविधान से जुड़े 10 ऐतिहासिक व रोचक तथ्य, जो अक्सर स्कूल क्विज़, प्रतियोगी परीक्षाओं और इंटरव्यू में पूछे जाते हैं।
गणतंत्र दिवस 2026: जानिए 10 ऐतिहासिक और रोचक तथ्य
1. 26 जनवरी की तारीख ही क्यों चुनी गई?
26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा की थी। इसी ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया।
2. दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान
भारतीय संविधान को दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान माना जाता है।
- प्रारंभ में: 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां
- वर्तमान में: 470 से अधिक अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां
यह संविधान समय के साथ देश की जरूरतों के अनुसार विकसित होता रहा है।
3. टाइप नहीं, हाथ से लिखा गया है संविधान
बहुत कम लोग जानते हैं कि भारतीय संविधान टाइप या प्रिंट नहीं, बल्कि हाथ से लिखा गया है। इसे प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने सुंदर इटैलिक कैलिग्राफी में लिखा था, जो आज भी एक कला का अद्भुत उदाहरण है।
4. शांतिनिकेतन के कलाकारों का योगदान
संविधान के हर पन्ने को नंदलाल बोस और उनके शिष्यों ने सजाया था। यह कार्य रवींद्रनाथ टैगोर के शांतिनिकेतन से जुड़े कलाकारों द्वारा किया गया, जिससे संविधान केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि कला का प्रतीक भी बन गया।
5. संविधान बनने में कितना समय लगा?
भारतीय संविधान को तैयार करने में 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन लगे। संविधान सभा ने अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, फ्रांस जैसे कई देशों के संविधानों का गहन अध्ययन किया।
6. क्या संविधान ‘उधार का थैला’ है?
अक्सर यह कहा जाता है कि भारतीय संविधान अन्य देशों से लिया गया है, लेकिन सच्चाई यह है कि
विदेशी प्रावधानों को भारतीय परिस्थितियों के अनुसार ढालकर अपनाया गया।
- स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व – फ्रांस
- संसदीय प्रणाली – ब्रिटेन
- मौलिक अधिकार – अमेरिका
यही वजह है कि भारतीय संविधान आज भी मजबूत और प्रभावी है।
7. पहली गणतंत्र दिवस परेड कहां हुई थी?
आज गणतंत्र दिवस परेड कर्तव्य पथ (पूर्व में राजपथ) पर होती है, लेकिन शुरू में ऐसा नहीं था।
1950 से 1954 तक परेड इन स्थानों पर आयोजित हुई:
- इरविन स्टेडियम (अब नेशनल स्टेडियम)
- लाल किला
- रामलीला मैदान
8. 21 तोपों की सलामी का क्या है रहस्य?
राष्ट्रपति द्वारा ध्वजारोहण के समय दी जाने वाली 21 तोपों की सलामी सर्वोच्च सैन्य सम्मान का प्रतीक मानी जाती है। यह परंपरा भारत की सैन्य शक्ति और राष्ट्र के सम्मान को दर्शाती है।
9. ‘Abide With Me’ से भारतीय धुनों तक का सफर
बीटिंग रिट्रीट समारोह में पहले ब्रिटिश धुन ‘Abide With Me’ बजाई जाती थी। अब इसकी जगह भारतीय सैन्य धुनें और ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ जैसे देशभक्ति गीत शामिल किए गए हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाते हैं।
10. गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि की परंपरा
भारत के पहले गणतंत्र दिवस (1950) पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो मुख्य अतिथि थे।
तब से यह परंपरा चली आ रही है कि हर साल किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किया जाता है।
Republic Day 2026: क्यों है यह दिन खास?
गणतंत्र दिवस हमें याद दिलाता है कि संविधान भारत की आत्मा है और लोकतंत्र उसकी सबसे बड़ी ताकत। 77वें गणतंत्र दिवस पर यह जरूरी है कि हम अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझें।






