Haryana: अब निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटेंगे माता-पिता, PGIMS में शुरू हुई 28 बेड की NICU सुविधा

Haryana: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव (Health Minister Aarti Singh Rao) ने कहा कि गरीब परिवारों के नवजात बीमार बच्चों को चिकित्सा सुविधाओं से महरूम नहीं रहने दिया जाएगा , प्रदेश सरकार राज्य के प्रत्येक बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक स्वस्थ रखने के लिए प्रयासरत है। आज PGIMS रोहतक के पीडियाट्रिक विभाग में 28 बेड की नियोनेटल आईसीयू की शुरुआत हो गई है। इससे गरीब तबके को विशेष लाभ होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अक्सर देखने में आता था कि जिन बच्चों का PGIMS से बाहर जन्म होता है और किसी बीमारी के कारण उन्हें आईसीयू की जरूरत पड़ती थी तो यहां पर आईसीयू न होने के कारण नवजात शिशुओं और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पडता था। काफी वर्षों से रोहतक PGIMS में बाहरी नवजात शिशुओं के लिए आईसीयू की कमी महसूस की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि PGIMS में पूरे प्रदेश से मरीज आते हैं ऐसे में गरीब मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आईसीयू तैयार करवाया गया है। आज यह आईसीयू गंभीर नवजात शिशुओं की सेवा के लिए सौंप दिया गया हैं। यह भी पढ़ें: –Panchkula News :पंचकूला में Congress का जोरदार प्रदर्शन! BJP दफ्तर के बाहर धरना, क्या है पूरा माजरा?
आरती सिंह राव ने बताया कि जो बच्चे समय से पहले पैदा हो जाते हैं, उनमें अक्सर देखा जाता है कि उनका वजन कम मिलता है और उन्हें सांस लेने में भी कई बार दिक्कत हो जाती है, जिसके चलते उन्हें नियोनेटल आईसीयू केयर की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि इस नई सुविधा के शुरू होने से अब गंभीर रूप से बीमार बच्चों और नवजातों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले संस्थान में नियोनेटल आईसीयू बेड की सुविधा बहुत ही कम थी, जिस कारण एक महीने से छोटे बच्चों को भर्ती करने में काफी दिक्कतें आती थीं। अब आधुनिक मशीनों से लैस इस वार्ड में बच्चों को तत्काल और बेहतर उपचार मिलेगा।
PGIMS रोहतक के कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल ने 28 बेड के नियोनेटल आईसीयू का उद्घाटन करने के बाद जानकारी दी कि इसमें चिकित्सा जगत की सभी अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं, जिसके लिए वे हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का विशेष तौर पर धन्यवाद व्यक्त करते हैं।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल विभाग में प्रतिमाह करीब 200 नवजात शिशु आते हैं जिन्हें आईसीयू की जरूरत पड़ती है। इस आईसीयू के शुरू हो जाने से प्रदेश में नवजात मृत्यु दर में भी काफी सुधार होगा जो कि राष्ट्र उत्थान के लिए बहुत बडी चीज है।






