Uttar-Pradesh : अयोध्या राम मंदिर में फहराया गया धर्मध्वज: जानिए 10 खास बातें

Uttar-Pradesh : अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर फहराया गया धर्मध्वज सिर्फ धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भक्ति, त्याग और राष्ट्र की एकता का प्रतीक बन गया है। आइए जानते हैं इस दिव्य ध्वज की 10 खासियतें:
1. केसरिया रंग भक्ति का प्रतीक
ध्वज का रंग केसरिया है, जो अग्नि की लपटों और उगते सूरज की तरह चमकता है। यह रंग राम के त्याग, समर्पण और धर्म की विजय का प्रतीक है।
2. विशाल आकार
ध्वज 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा है। त्रिकोणाकार आकार राम वंश की गरिमा का प्रतीक है। इसे शिखर पर फहराने पर चार किलोमीटर दूर से भी देखा गया।
3. 2 किलो का वजन
धर्मध्वज का वजन 2 किलो है, ताकि यह हवा में बेहतर ढंग से लहरा सके। प्रधानमंत्री मोदी के बटन दबाते ही ध्वज फहरा और अयोध्या में “जय श्रीराम” की गूंज सुनाई दी।
4. खास कपड़े का उपयोग
ध्वज को पैराशूट नायलॉन फैब्रिक से तैयार किया गया है, और रेशमी धागों से कढ़ाई की गई। अहमदाबाद के पारंपरिक कारीगरों ने इसे हाथों से तैयार किया।
5. तीन सिंथेटिक लेयर सुरक्षा
ध्वज में तीन लेयर हैं जो UV प्रोटेक्शन, वाटरप्रूफिंग और तेज हवाओं से सुरक्षा प्रदान करती हैं। यह 200 किमी/घंटा की हवा और भारी बारिश भी झेल सकता है।
6. सोने के धागों से बना सूर्य
ध्वज के केंद्र में सोने के धागों से कढ़ा सूर्य है, जो राम के पराक्रम और तेज का प्रतीक है।
7. पवित्र ‘ॐ’ अंकित
ऊपरी भाग में अंकित ॐ ब्रह्मांड की अनादि ध्वनि और शांति का प्रतीक है।
8. कोविदार वृक्ष
निचले भाग में अंकित कोविदार वृक्ष राम राज्य की समृद्धि, नीति और न्याय का प्रतीक है।
9. विशेष रस्सी का प्रयोग
ध्वज फहराने के लिए कानपुर से मंगाई गई विशेष रस्सी का उपयोग किया गया, जिसमें स्टेनलेस स्टील कोर और नायलॉन फाइबर है।
10. चार किलोमीटर दूर से दिखाई देता है
ध्वज इतना चमकीला और ऊंचा है कि चार किलोमीटर दूर से भी साफ देखा जा सकता है। सरयू घाट से लेकर राम पथ तक लोगों ने इसे देखा और “जय श्रीराम” के जयकारे लगाए।






