‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ अभियान ने पकड़ी रफ्तार: पंजाब कांग्रेस ने केंद्रीय नेतृत्व को सौंपे 27 लाख हस्ताक्षर

नई दिल्ली : पंजाब कांग्रेस का ‘वोट चोर–गद्दी छोड़’ अभियान अब बड़े जनांदोलन का रूप लेता दिख रहा है। बुधवार को पार्टी नेताओं ने लगभग 27 लाख हस्ताक्षर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को सौंपकर इसे राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राजनीतिक चुनौती के रूप में पेश किया।
27 लाख लोगों ने जताई चिंता – मताधिकार की रक्षा की मांग तेज
पार्टी महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और CLP लीडर प्रताप सिंह बाजवा ने ये हस्ताक्षर कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल को सौंपे। नेताओं का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर लोगों का समर्थन यह संदेश देता है कि पंजाब में “वोट चोरी रोकने” के लिए जनता अब खुलकर सामने आ चुकी है।
सरकार पर संविधान से खिलवाड़ का आरोप
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार देश के संविधान और इसमें दिए गए मताधिकार के साथ “खिलवाड़” कर रही है। उन्होंने कहा कि देश भर से वोट चोरी की घटनाओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में कांग्रेस ने पंजाब में बड़े पैमाने पर जागरूकता और हस्ताक्षर अभियान चलाया।
बाजवा बोले—पंजाब तय करेगा वोट चोरी का अंत
विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब के लोग लोकतंत्र और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया को लेकर बेहद सजग हैं।
उन्होंने दावा किया कि यह मुहिम एक मजबूत संदेश देगी और देश में “वोट चोरी” की हर कोशिश असफल होगी।
कांग्रेस का बयान—मुहिम का लक्ष्य वोटरों के अधिकार की सुरक्षा
भूपेश बघेल ने बताया कि इस अभियान के दौरान स्वयंसेवकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने घर-घर जाकर फॉर्म भरे और 27 लाख से अधिक हस्ताक्षर इकट्ठा किए। उन्होंने कहा, “इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और हर नागरिक के वोट को सुरक्षित करना है।”






