हरियाणा में बिजली कर्मचारियों को ₹500 मासिक जोखिम भत्ता, 6105 गांवों में मिल रही 24 घंटे बिजली

चंडीगढ़, 12 अक्टूबर। हरियाणा में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने, उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली सप्लाई उपलब्ध कराने और बिजली कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। बिजली निगमों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली कर्मचारियों को ₹500 मासिक जोखिम भत्ता देने की घोषणा की। साथ ही, युवाओं की जॉब सिक्योरिटी से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं एक सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाना सरकार का दायित्व है। अधिकारियों को बिजली से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
6105 गांवों में 24 घंटे बिजली सप्लाई
बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि हरियाणा की ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना के तहत प्रदेश के 6105 गांवों में 24 घंटे बिजली सप्लाई की जा रही है। बाकी गांवों को भी योजना में शामिल करने के लिए काम किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को और मजबूत करना तथा प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।
बिजली कर्मचारियों को मिलेगा ₹500 मासिक जोखिम भत्ता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिजली कर्मचारियों की समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए ₹500 प्रति माह जोखिम भत्ता देने की घोषणा की। सरकार के अनुसार, इससे बिजली निगमों के हजारों कर्मचारियों को वित्तीय लाभ मिलेगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों (HODs) को युवाओं की जॉब सिक्योरिटी से संबंधित जरूरी औपचारिकताएं एक सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए।
गुरुग्राम की सोसायटियों में महंगी बिजली की शिकायतों पर संज्ञान
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम की ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के माध्यम से उपभोक्ताओं को महंगे रेट पर बिजली सप्लाई किए जाने की शिकायतों पर संज्ञान लिया। उन्होंने बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारियों को संबंधित RWA के साथ बैठक कर नियम और मानक तय करने तथा उपभोक्ताओं के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
इसके साथ ही अधिकारियों को निम्नलिखित कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए गए:
- गुरुग्राम के सेक्टर-57 स्थित 220 केवी सब स्टेशन में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाना।
- सेक्टर-38 के पावर हाउस की चारदीवारी बनाना।
- घरौंडा और नांगल चौधरी सब स्टेशन में कंट्रोल रूम बनाना।
- मलिकपुर और मानेसर सब स्टेशन की चारदीवारी का काम पूरा करना।
मुख्यमंत्री ने बिजली के गलत बिल आने से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए बेहतर नीति तैयार करने और हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का त्वरित निपटारा करने पर भी जोर दिया।
फरीदाबाद के उद्योगों को निर्बाध बिजली देने के निर्देश
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली लाइनों और खंभों की योजना इस तरह बनाई जाए कि सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के दौरान बाधा न आए।
उन्होंने बिजली व्यवस्था में नवीनतम GIS तकनीक का इस्तेमाल करने और बिजली निगमों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
किसानों के खेतों की मेड़ पर लगाए जाएंगे सोलर पैनल
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM) के तहत किसानों के खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगाने की योजना तैयार करने को कहा। इसका उद्देश्य किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत तैयार करना और प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कम लाइन लॉस और 100 प्रतिशत बिजली बिल भुगतान वाले प्रत्येक जिले से एक गांव को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुनकर स्मार्ट गांव के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। महानगरों में भी इस तरह की पहल करने पर जोर दिया गया।
ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा आधारित योजना
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए ऐसी सौर ऊर्जा योजना तैयार करने को कहा, जिसके तहत घरों में सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली बिल का बोझ कम किया जा सके।
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र उपभोक्ता के घर पर कम से कम 2 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाने और ₹78,000 की सब्सिडी का लाभ देने की व्यवस्था पर जोर दिया गया। ₹5 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले उपभोक्ताओं के लिए सोलर प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से ₹1 लाख की सब्सिडी देने तथा ₹22,000 की अतिरिक्त सहायता का भी उल्लेख किया गया।
ध्यान दें: इन सब्सिडी की पात्रता, अलग-अलग योजनाओं के नियम और सहायता राशि की अंतिम पुष्टि संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों से की जानी चाहिए।
सरकारी भवनों और स्कूलों पर भी लगेंगे सोलर प्लांट
समीक्षा बैठक में बताया गया कि बस स्टैंड, स्कूलों, मेडिकल और शैक्षणिक संस्थानों तथा मिनी सचिवालयों सहित सरकारी भवनों पर सोलर पावर प्लांट लगाने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रस्तावित 248 नए स्कूल भवनों पर सोलर प्लांट लगाने और सभी स्कूलों में सौर ऊर्जा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बायोमास पावर प्रोजेक्ट के तहत 13 जिलों में 25 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट लगाने की जानकारी भी दी गई।
यमुनानगर, झज्जर, पानीपत और हिसार में बिजली उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने यमुनानगर में 800 मेगावाट के पावर प्लांट तथा झज्जर और पानीपत में अतिरिक्त पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। हिसार के खेदड़ में एक और यूनिट स्थापित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
इसके अलावा, पानीपत के गांव आसन कलां में 30 एकड़ भूमि पर सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट की टेस्टिंग लैब स्थापित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
मार्च 2027 तक लगेंगे 2.22 लाख स्मार्ट मीटर
बैठक में बताया गया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाने का काम भी जारी है। इसके अंतर्गत मार्च 2027 तक 2 लाख 22 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने मॉडल सोलर विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा में गरीब परिवारों के घरों पर बिना उनसे राशि लिए सोलर प्लांट लगाने का मॉडल अपनाया जा रहा है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बिजली निगमों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, बिजली विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के एमडी डॉ. आदित्य दहिया, बिजली निगम के एमडी विक्रम सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।







