IAS Y पूरन कुमार आत्महत्या मामला: SIT ने शुरू की जांच, सामने आईं चौंकाने वाली तस्वीरें

चंडीगढ़/रोहतक, 13 अक्टूबर 2025: हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की संदिग्ध आत्महत्या का मामला अब और अधिक गंभीर और संवेदनशील होता जा रहा है। चंडीगढ़ पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच शुरू कर दी है। रविवार को SIT की एक टीम रोहतक पहुंची और संबंधित दस्तावेजों की मांग करते हुए हरियाणा सरकार को औपचारिक पत्र भेजा गया है।
IAS पत्नी को पहचान के लिए बुलाया गया
जांच के अगले चरण में, SIT ने वाई पूरन कुमार की पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार, को पत्र भेजा है, जिसमें उनसे शव की पहचान करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक शव की औपचारिक पहचान और पोस्टमॉर्टम नहीं होता, जांच की प्रक्रिया पूरी तरह शुरू नहीं हो सकती।
5 दिन बाद सामने आई सुसाइड की तस्वीर, बढ़ा संदेह
इस बीच, रविवार को वाई पूरन कुमार की कथित आत्महत्या की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। तस्वीर में उनकी डेडबॉडी चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित कोठी नंबर 116 के बेसमेंट में मौजूद साउंडप्रूफ कमरे में सोफे पर पड़ी है। उनके सिर, नाक और मुंह से खून निकलता दिख रहा है। शरीर पर टी-शर्ट खून से सनी हुई है और दाहिने हाथ में एक पिस्टल पकड़ी हुई है। उन्होंने कंबल ओढ़ा हुआ था।

इस तस्वीर ने इस घटना को लेकर नई बहस और संभावित साजिश की ओर इशारा किया है।
नेताओं और अफसरों का दुख प्रकट करना जारी
घटना के बाद से कई वरिष्ठ अधिकारी और राजनीतिक नेता लगातार पीड़ित परिवार से मिल रहे हैं और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। CID हरियाणा के ADGP सौरभ सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा और उनकी पत्नी, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक अरोड़ा, संपत सिंह और पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह ने वाई पूरन कुमार को श्रद्धांजलि दी।
सियासी हलचल तेज, विपक्ष ने उठाए सवाल
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ने इस आत्महत्या को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता अशोक अरोड़ा ने बयान दिया- सरकार को कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। हम परिवार के साथ हैं और पूरे प्रदेश में न्याय के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।”
वहीं, पंजाब AAP के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री अमन अरोड़ा ने IAS अमनीत पी. कुमार के आवास पर मीडिया से कहा:एक वरिष्ठ IPS अधिकारी का आत्महत्या करना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। लेकिन उससे भी गंभीर यह है कि 6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसने उन्हें इस स्थिति में पहुँचाया, इसकी जांच बेहद जरूरी है।”
SIT पर टिकी निगाहें, न्याय की मांग तेज
देश की प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था के बीच यह मामला एक गंभीर प्रशासनिक संकट के रूप में देखा जा रहा है। जनता, मीडिया और राजनीतिक दलों की नजरें अब SIT की निष्पक्ष जांच पर टिकी हैं।






