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हरियाणा के छात्रों को बड़ी राहत: मुफ्त किताबों के लिए ₹45.05 करोड़ मंजूर, 15 अप्रैल तक सभी स्कूलों में वितरण

Haryana free textbooks scheme : हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने ₹45.05 करोड़ की राशि को मंजूरी दी है। यह निर्णय नए शैक्षणिक सत्र से पहले छात्रों को समय पर किताबें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।

हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् के माध्यम से यह योजना लागू की जा रही है, जिससे राज्यभर के सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो सके।

15 अप्रैल तक पूरा होगा वितरण

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में 15 अप्रैल 2026 तक किताबों की आपूर्ति पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए चयनित प्रिंटिंग और सप्लाई एजेंसियों को पहले ही कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं और वितरण कार्य तेजी से जारी है।

कई जिलों में पहले ही पहुंचीं किताबें

mahipal dhnadhaशिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की निगरानी में कई जिलों में पाठ्यपुस्तकों की सप्लाई पूरी हो चुकी है। इनमें अंबाला, हिसार, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पलवल, भिवानी और चरखी दादरी शामिल हैं। अन्य जिलों में भी तेजी से काम चल रहा है और तय समयसीमा के भीतर सभी स्कूलों तक किताबें पहुंचाने का दावा किया गया है।

समग्र शिक्षा योजना के तहत व्यवस्था

यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार की समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत हर साल सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे शिक्षा का स्तर बेहतर हो सके।

वित्त वर्ष 2026–27 के लिए इस बजट को परियोजना अनुमोदन बोर्ड (PAB) की बैठक में स्वीकृति दी गई थी।

प्रशासनिक प्रक्रिया पहले ही पूरी

किताबों की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने पहले ही सभी जरूरी प्रशासनिक कदम पूरे कर लिए थे:

  • 29 दिसंबर 2025 को उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (HPPC) की बैठक आयोजित
  • चयनित फर्मों को प्रिंटिंग और सप्लाई का कार्य सौंपा गया
  • 8 जनवरी 2026 को वर्क ऑर्डर जारी किए गए
  • 15 अप्रैल 2026 तक सप्लाई पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित

हरियाणा में हर वर्ष सरकारी स्कूलों के छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें देने की व्यवस्था लागू है। पहले कई बार किताबों के वितरण में देरी की शिकायतें सामने आती थीं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए अब वितरण प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित बनाया गया है, ताकि सत्र शुरू होते ही छात्रों को सभी जरूरी संसाधन मिल सकें।

Impact (प्रभाव)
छात्रों को शुरुआत से ही पढ़ाई में निरंतरता मिलेगी
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत
स्कूलों में उपस्थिति और नामांकन बढ़ने की संभावना
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और ड्रॉपआउट दर में कमी

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Author

  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

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