राज्यसभा चुनाव के बाद हरियाणा कांग्रेस में घमासान, क्रॉस वोटिंग पर सख्त कार्रवाई के संकेत
रामकिशन गुर्जर का इस्तीफा, 5 विधायकों पर कार्रवाई की तैयारी; हुड्डा ने हाईकमान को सौंपी रिपोर्ट

चंडीगढ़: हरियाणा में हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर असंतोष और खींचतान खुलकर सामने आ रही है। क्रॉस वोटिंग के आरोपों ने पार्टी नेतृत्व को सख्त रुख अपनाने के लिए मजबूर कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी अब उन विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी में है, जिन पर वोटिंग के दौरान लाइन से हटने का आरोप है।
इसी बीच, हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने चुनाव परिणाम आने के कुछ घंटों के भीतर ही पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।
क्रॉस वोटिंग पर बढ़ा विवाद
राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के कुछ विधायकों द्वारा कथित क्रॉस वोटिंग किए जाने की खबरों ने पार्टी की अंदरूनी एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि संबंधित पांचों विधायकों के नाम पार्टी हाईकमान को भेज दिए गए हैं।
हुड्डा ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय अब केंद्रीय नेतृत्व ही लेगा। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाम उजागर करने से परहेज किया।
नोटिस जारी करने की तैयारी
कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी महासचिव बी.के. हरिप्रसाद ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही संदिग्ध विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। पार्टी इस मामले को अनुशासनहीनता के रूप में देख रही है और कड़ी कार्रवाई के मूड में है।
इस्तीफे से बढ़ी सियासी सरगर्मी
रामकिशन गुर्जर के इस्तीफे के बाद उनकी पत्नी और नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी का नाम भी चर्चा में है। चुनाव के दौरान उनकी मौजूदगी को लेकर सवाल उठे हैं। सूत्रों का दावा है कि वह भी इस्तीफा दे सकती हैं, हालांकि अभी वह पार्टी नेतृत्व के फैसले का इंतजार कर रही हैं।
चुनाव परिणाम और विवाद
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली। वहीं कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध ने निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को बेहद करीबी मुकाबले में हराकर दूसरी सीट हासिल की। चुनाव के दौरान कुछ वोट अमान्य भी घोषित किए गए, जिनमें से अधिकांश कांग्रेस विधायकों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इससे पार्टी की रणनीति और समन्वय पर भी सवाल उठे हैं।






