ओवरएज वाहनों पर कड़ा एक्शन, बिना चेतावनी जब्ती और स्क्रैपिंग शुरू

End of Life Vehicles : राजधानी में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने पुराने वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। दिल्ली परिवहन विभाग ने साफ किया है कि तय आयु सीमा पार कर चुके डीजल और पेट्रोल वाहनों को अब शहर की सड़कों पर चलाने या सार्वजनिक स्थानों पर खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन को मौके पर ही जब्त कर अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर भेज दिया जाएगा।
बिना नोटिस होगी कार्रवाई
विभाग के अनुसार, ओवरएज वाहनों के मालिकों को कोई पूर्व सूचना या ‘कारण बताओ नोटिस’ नहीं दिया जाएगा। कार्रवाई सीधे जब्ती के रूप में की जाएगी। यह नियम केवल चलती गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि आवासीय कॉलोनियों, बाजारों और सड़क किनारे खड़े वाहनों पर भी लागू रहेगा। खास तौर पर BS-III और उससे पुराने उत्सर्जन मानक वाले वाहनों की सघन निगरानी की जाएगी।
प्रदूषण से जंग
राजधानी दिल्ली में खराब वायु गुणवत्ता लंबे समय से चिंता का विषय रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल है। सरकार का मानना है कि अधिक उत्सर्जन करने वाले पुराने वाहनों को हटाए बिना वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है।
इसी रणनीति के तहत प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।
अपनी गाड़ी स्क्रैप होने से कैसे बचाएं?
- यदि आपकी गाड़ी आयु सीमा के करीब है या पार कर चुकी है, तो आपके पास एक वैध विकल्प मौजूद है:
- अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लिए आवेदन करें।
- NOC मिलने के बाद वाहन को दिल्ली-एनसीआर के बाहर ऐसे राज्य में ट्रांसफर किया जा सकता है, जहां नियम अलग हों।
- बिना वैध NOC के वाहन को दिल्ली की सीमा से बाहर ले जाना भी गैरकानूनी माना जाएगा।
वाहन मालिकों के लिए जरूरी बातें
✔️ डीजल वाहन: 10 साल पूरे होते ही संचालन पर रोक।
✔️ पेट्रोल वाहन: 15 साल के बाद प्रतिबंध लागू।
✔️ नियम पार्क की गई गाड़ियों पर भी लागू।
✔️ बिना पूर्व सूचना वाहन सीधे स्क्रैपिंग सेंटर भेजा जाएगा।
✔️ समय रहते NOC प्रक्रिया पूरी करना ही एकमात्र समाधान।
क्या होगा असर?
- बड़ी संख्या में वाहन मालिक प्रभावित हो सकते हैं।
- सेकेंड-हैंड कार बाजार में बदलाव संभव।
- स्क्रैपेज उद्योग को बढ़ावा मिल सकता है।
- वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद।
राजधानी के वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने वाहन की रजिस्ट्रेशन तिथि तुरंत जांचें और नियमों के अनुरूप कदम उठाएं, ताकि अचानक जब्ती की कार्रवाई से बचा जा सके।






