उत्तराखंड में धामी कैबिनेट का विस्तार: 5 नए चेहरों को मिली जिम्मेदारी, चुनाव से पहले सियासी समीकरण साधने की कोशिश
2027 विधानसभा चुनाव से पहले सरकार का बड़ा कदम, क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को ध्यान में रखकर मंत्रिमंडल में बदलाव

Uttarakhand Cabinet Expansion 2026 : पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार (20 मार्च) को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरते हुए सरकार ने राजनीतिक और सामाजिक संतुलन बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है।
नए मंत्रियों में राजपुर से खजान दास, रुड़की से प्रदीप बत्रा, हरिद्वार से मदन कौशिक, भीमताल से राम सिंह कैड़ा और रुद्रप्रयाग से भरत चौधरी को शामिल किया गया है। इस विस्तार को आगामी चुनावों के मद्देनज़र रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस
मंत्रिमंडल विस्तार में विभिन्न समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश साफ दिखाई देती है। नई टीम में अनुसूचित जाति, ब्राह्मण, ठाकुर और पंजाबी समाज के नेताओं को शामिल किया गया है। इससे सरकार ने सामाजिक संतुलन साधने और व्यापक समर्थन आधार मजबूत करने का संकेत दिया है।
दरअसल, राज्य मंत्रिमंडल में पिछले कुछ समय से पांच पद खाली थे। शुरुआत में तीन पद रिक्त थे, लेकिन 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद संख्या बढ़ गई। इसके बाद 2025 में एक अन्य मंत्री के इस्तीफे से कुल पांच पद खाली हो गए थे।
2027 में प्रस्तावित उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले इन पदों को भरना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह विस्तार किया।
नए मंत्रियों का प्रोफाइल
▪️ खजान दास
देहरादून की राजपुर सीट से लगातार दो बार विधायक चुने गए हैं। संगठन और सरकार दोनों में अनुभव रखते हैं और पहले शिक्षा विभाग में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
▪️ प्रदीप बत्रा
रुड़की से तीन बार विधायक रह चुके बत्रा पंजाबी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में दल परिवर्तन के बाद सत्तारूढ़ दल में अहम भूमिका निभाई है।
▪️ मदन कौशिक
हरिद्वार से पांच बार विधायक रहे कौशिक को पार्टी का मजबूत ब्राह्मण चेहरा माना जाता है। वे पहले मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
▪️ राम सिंह कैड़ा
भीमताल सीट से दो बार विधायक रहे कैड़ा का राजनीतिक सफर दिलचस्प रहा है। वे निर्दलीय जीत हासिल करने के बाद भी सक्रिय राजनीति में प्रभावशाली बने रहे।
▪️ भरत चौधरी
रुद्रप्रयाग से विधायक भरत चौधरी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं।






