बाजरा खरीद में गड़बड़ी पर सरकार की सख्ती — कनीना व कोसली मंडियों के अधिकारी निलंबित

हरियाणा सरकार ने राज्य में चल रही बाजरा खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा एक्शन लिया है। नई अनाज मंडी कनीना और कोसली में खरीद प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आने के बाद दोनों मंडियों के अधिकारियों को निलंबित (Suspended) कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कनीना और कोसली मंडियों में ई-खरीद पोर्टल और रजिस्टर में अंतर पाया गया
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, जांच के दौरान ई-खरीद पोर्टल और मार्केट कमेटी के एच-रजिस्टर की ऑक्शन डिटेल्स में अंतर पाया गया। इसके अलावा, गेट पास जारी करने की प्रक्रिया में भी गड़बड़ी मिली।
इस पर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के मुख्य प्रशासक ने कनीना मंडी के सचिव-सह-ईओ मनोज पराशर और कोसली मंडी के सचिव-सह-ईओ नरेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी किए। यह भी पढ़ें : – Haryana Startup Fund 2025 : 100 करोड़ का आत्मनिर्भर वेंचर फंड लॉन्च
करनाल में फर्जी गेट पास घोटाले पर तीन अधिकारी निलंबित
इसके साथ ही मार्केट कमेटी करनाल में अलग-अलग आईपी एड्रेस से फर्जी गेट पास जारी करने के मामले में भी कार्रवाई की गई है।
इसमें मंडी सुपरवाइजर हरदीप और अश्वनी, तथा ऑक्शन रिकॉर्डर सतबीर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि ऐसे मामलों में “शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance)” की नीति अपनाई जाएगी।
सरकार का सख्त संदेश — किसानों के हित सर्वोपरि
प्रवक्ता ने कहा कि सरकार लगातार मंडियों की निगरानी कर रही है ताकि पारदर्शी और निष्पक्ष खरीद प्रक्रिया (Transparent and Fair Procurement) सुनिश्चित की जा सके। यह भी पढ़ें : – PM मोदी ने Chhath पूजा पर किया देशवासियों से गीत साझा करने का आह्वान
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर कोताही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्य सरकार का यह कदम किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और जवाबदेही को मजबूत करता है।






