Haryana : हरियाणा के दिव्यांग बच्चों को बड़ी सौगात—सिरतार बनेगा हाई-टेक सेंटर!

Haryana : हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जातियों एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) मंत्री कृष्ण बेदी ने घोषणा की है कि रोहतक स्थित स्टेट इंस्टिट्यूट फॉर रिहैबिलिटेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग (सिरतार) को एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट, अत्याधुनिक संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सिरतार को मजबूत आधारभूत ढांचे और आधुनिक तकनीकों से लैस किया जाएगा ताकि इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पुनर्वास संस्थान के रूप में स्थापित किया जा सके।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
मंत्री बेदी ने चंडीगढ़ में सिरतार संस्थान के अधिकारियों के साथ शासी निकाय की सातवीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि संस्थान में दिव्यांग बच्चों से संबंधित—
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अर्ली डायग्नोसिस,
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असेसमेंट,
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थैरेपी,
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ट्रीटमेंट
की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके साथ ही सिरतार संस्थान को पूरे प्रदेश में दिव्यांग बच्चों से जुड़े मुद्दों की नोडल एजेंसी के रूप में विकसित किया जाएगा।
नए कोर्स और रोडमैप
मंत्री ने अधिकारियों को नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरतार को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण वित्तीय सहायता और सहयोग देगी।
कर्मचारियों के लिए भी राहत
बैठक में निर्णय लिया गया कि संस्थान में लंबे समय से कार्यरत ग्रुप C एवं ग्रुप D कर्मचारी अब हरियाणा कौशल रोज़गार निगम (HKRN) के अंतर्गत रजिस्टर्ड किए जाएंगे, जिससे उन्हें सुरक्षित रोजगार का लाभ मिलेगा।
सिरतार का योगदान
सिरतार संस्थान वर्षों से विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को शिक्षा, पुनर्वास और सामाजिक मुख्यधारा में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह संस्थान दिव्यांगता पुनर्वास और विशेष शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है।






