हरियाणा का सियासी पारा चढ़ा! बजट सत्र 2026 में होगा बड़ा टकराव? जानिए किन मुद्दों पर घिरेगी सरकार

हरियाणा बजट सत्र 2026 : 20 फरवरी, शुक्रवार से हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 2026 शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया जाएगा। राजनीतिक हलकों में इस बार का सत्र बेहद अहम और संभावित रूप से हंगामेदार माना जा रहा है। कारण साफ है—विपक्ष कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार पर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है।
विपक्ष की रणनीति: सरकार को घेरने की पूरी तैयारी
मुख्य विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह सत्र के दौरान स्थगन प्रस्ताव और कार्य रोको प्रस्ताव ला सकती है। पार्टी का आरोप है कि राज्य में बेरोज़गारी दर चिंताजनक है और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी है।
विपक्ष की प्रमुख मांगें:
लंबित सरकारी भर्तियों की स्पष्ट समयसीमा
पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय हो
किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी पर राज्य की स्पष्ट नीति
महंगाई पर राज्य स्तर की राहत योजना
विपक्ष का मानना है कि जनता के मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाया जाएगा और सरकार को जवाब देना ही होगा।
मुख्यमंत्री का भरोसा: “जन-आकांक्षाओं का बजट”
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भरोसा दिलाया है कि सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह गंभीर है। उनका कहना है कि बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बनेगा। सरकार ने बजट से पहले व्यापक प्री-बजट परामर्श प्रक्रिया भी शुरू की। किसान, व्यापारी, उद्योगपति, महिला संगठन, कर्मचारी संघ और शिक्षाविदों से सुझाव लिए गए।
प्री-बजट बैठकों में प्रमुख फोकस:
- रोजगार सृजन और कौशल विकास
- कृषि एवं सिंचाई सुधार
- स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार
- डिजिटल शिक्षा सुविधाएं
- महिला सशक्तिकरण योजनाएं
- बुनियादी ढांचे का विकास
किन मुद्दों पर हो सकती है सबसे तीखी बहस?
1️⃣ बेरोज़गारी और भर्ती विवाद
सरकारी नौकरियों की लंबित भर्तियां और पेपर लीक की घटनाएं बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी हैं। विपक्ष स्पष्ट रोडमैप की मांग करेगा।
2️⃣ किसानों की समस्याएं
फसल की उचित कीमत, मुआवज़ा वितरण में देरी और सिंचाई सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे सदन में गूंज सकते हैं।
3️⃣ महंगाई की मार
पेट्रोल-डीज़ल, रसोई गैस और खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से आम परिवार प्रभावित हैं। विपक्ष राज्य सरकार से राहत उपायों का हिसाब मांगेगा।
4️⃣ स्वास्थ्य सेवाओं की हालत
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी पर सरकार को घेरा जा सकता है।
5️⃣ शिक्षा व्यवस्था
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद और आधारभूत ढांचे की कमी बहस का विषय बन सकती है।
6️⃣ कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा
बढ़ते अपराध और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार की रणनीति पर सवाल उठ सकते हैं।
क्या रहेगा सत्र का सियासी तापमान?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सत्र के शुरुआती दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक संभव है। हालांकि सरकार की कोशिश रहेगी कि बजट पारित कराने की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो और विकास एजेंडा केंद्र में बना रहे।
जनता की बजट से बड़ी उम्मीदें
हरियाणा की जनता इस बजट से कई उम्मीदें लगाए बैठी है:
युवाओं के लिए रोजगार के ठोस अवसर
किसानों के लिए राहत पैकेज
मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत
स्वास्थ्य और शिक्षा में मजबूत निवेश
महिलाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार






