131वें ‘मन की बात’ में PM मोदी ने AI को बताया गेमचेंजर
ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट में भारत की भूमिका पर दिया विशेष जोर, नवाचार से विश्व को चौंकाने का दावा

नई दिल्ली, 22 फरवरी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य की दिशा तय करने वाली शक्ति बताया। उन्होंने हाल ही में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन वैश्विक तकनीकी सहयोग के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समिट के दौरान उन्हें विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं और टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रमुखों से संवाद का अवसर मिला। उन्होंने प्रदर्शनी में भारत की तकनीकी उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार AI पशु चिकित्सा, डेयरी प्रबंधन और कृषि निगरानी जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है।
AI से खेती और पशुपालन को मिल रही नई ताकत
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि आज किसान 24 घंटे AI आधारित सिस्टम के माध्यम से अपने पशुओं की सेहत पर नजर रख पा रहे हैं। डिजिटल टूल्स और डेटा एनालिटिक्स की मदद से बीमारियों की शुरुआती पहचान संभव हो रही है, जिससे उत्पादकता में सुधार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि नई तकनीकें केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। इससे न सिर्फ किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि पारंपरिक क्षेत्रों में आधुनिक समाधान भी विकसित हो रहे हैं।
130वें एपिसोड में गुणवत्ता पर दिया था जोर
इससे पहले 130वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने भारतीय निर्माताओं और स्टार्ट-अप्स से अपने उत्पादों में “ज़ीरो-डिफेक्ट और वर्ल्ड-क्लास क्वालिटी” अपनाने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि भारत को ऐसे उत्पाद और सेवाएं विकसित करनी चाहिए, जिनकी वैश्विक स्तर पर मांग और प्रतिष्ठा हो।
प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान, सेमीकंडक्टर निर्माण और हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों को भारत के विकास की नई दिशा बताया। उनके अनुसार, देश के युवा, इनोवेटर्स और उद्यमी भारत को तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र बना सकते हैं।
तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर भारत
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार की विभिन्न पहलों ने तकनीक आधारित समाधानों को प्रोत्साहित किया है। AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में भारतीय प्रतिभा वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रही है।
AI इम्पैक्ट समिट जैसे मंच भारत को अपनी क्षमताएं प्रदर्शित करने और वैश्विक सहयोग को बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि समाधान प्रदाता के रूप में भी उभर रहा है।
वैश्विक टेक लीडर बनने की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री द्वारा AI और उच्च गुणवत्ता निर्माण पर दिया गया जोर आने वाले समय में नीति-निर्माण और निवेश के रुझानों को प्रभावित कर सकता है। यदि स्टार्ट-अप्स और उद्योग जगत “जीरो-डिफेक्ट” और “ग्लोबल स्टैंडर्ड” को अपनाते हैं, तो भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है।
AI आधारित नवाचार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से अवसर पैदा कर सकता है। इससे रोजगार, उत्पादकता और निर्यात क्षमता में वृद्धि संभव है।






