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हरियाणा में हजारों करोड़ का निवेश! मारुति से फ्लिपकार्ट तक ने लगाया दांव, युवाओं को मिलेंगी नौकरियां?

चंडीगढ़। हरियाणा औद्योगिक निवेश के नए केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। प्रदेश में औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) का विस्तार, आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विकास और देश-विदेश की कंपनियों की दिलचस्पी राज्य में रोजगार सृजन की नई संभावनाएं पैदा कर रही है। सरकार का जोर औद्योगिक क्षेत्रों को केवल उत्पादन केंद्र तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्योग, लॉजिस्टिक्स, व्यापार, श्रमिक सुविधाओं और कौशल विकास से जुड़े व्यापक औद्योगिक केंद्रों के रूप में विकसित करने पर है।

हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) के माध्यम से विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्रों में निवेशकों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से प्रदेश में औद्योगिक निवेश का विस्तार हो रहा है और हरियाणा राष्ट्रीय तथा वैश्विक कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण निवेश गंतव्य बन रहा है।

सिंगापुर दौरे से निवेश आकर्षित करने की कोशिश

राज्य सरकार नए उद्योगों की स्थापना और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में सिंगापुर का दौरा किया।

औद्योगिक निवेश से केवल कारखानों में ही रोजगार के अवसर नहीं बनते, बल्कि परिवहन, भंडारण, आपूर्ति श्रृंखला, रखरखाव, निर्माण, सुरक्षा और खानपान जैसी सहायक सेवाओं में भी काम के अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, वास्तविक रोजगार की संख्या परियोजनाओं के क्रियान्वयन और उनके संचालन पर निर्भर करेगी।

हरियाणा की 6 प्रमुख IMT में निवेश की संभावनाएं

हरियाणा में औद्योगिक विकास के लिए छह प्रमुख औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित की गई हैं। इनका क्षेत्रफल हजारों एकड़ में फैला है।

औद्योगिक मॉडल टाउनशिपलगभग क्षेत्रफल
IMT मानेसर4,000 एकड़
IMT रोहतक3,600 एकड़
IMT बावल3,300 एकड़
IMT खरखौदा3,200 एकड़
IMT फरीदाबाद1,800 एकड़
IMT सोहना1,500 एकड़

इन औद्योगिक क्षेत्रों का उद्देश्य कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

उद्योगों के लिए प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं पर जोर

डॉ. अमित कुमार अग्रवाल के अनुसार, सरकार की रणनीति केवल औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं, स्पष्ट भूमि स्वामित्व, पूर्व-स्वीकृत औद्योगिक भूमि उपयोग, सिंगल-विंडो सहायता और बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

इसके अलावा तैयार फैक्ट्री शेड, गोदाम, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं, कर्मचारी आवास, अस्पताल, व्यावसायिक केंद्र, कौशल विकास केंद्र और स्टार्टअप व इन्क्यूबेशन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

इन सुविधाओं से कंपनियों को उद्योग स्थापित करने और संचालन शुरू करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास स्थानीय कारोबार और सहायक सेवाओं के विस्तार की भी संभावनाएं बनती हैं।

मारुति सुजुकी से फ्लिपकार्ट तक, इन कंपनियों के निवेश का ब्योरा

राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण में कई कंपनियों की परियोजनाओं के लिए भूमि और निवेश के आंकड़े दिए गए हैं।

कंपनीभूमि (एकड़)बताया गया निवेश
मारुति सुजुकी800₹18,000 करोड़
एटीएल178₹7,000 करोड़
आदित्य बिड़ला70₹1,140 करोड़
टोयोटा बोशोकु21₹400 करोड़
अमूल10₹300 करोड़
डेंसो37₹570 करोड़
फ्लिपकार्ट140₹1,300 करोड़
फैवेली5₹200 करोड़
यूफ्लेक्स14₹300 करोड़
यूनो-मिंडा94₹11,000 करोड़

नोट: निवेश के आंकड़े उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। इन्हें संबंधित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निवेश की वास्तविक प्राप्ति या पूर्ण हो चुके निवेश की स्वतंत्र पुष्टि के रूप में न माना जाए।

कई बड़ी कंपनियां हरियाणा में स्थापित कर रही हैं परियोजनाएं

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मारुति सुजुकी, यामाहा, एस्कॉर्ट्स, व्हर्लपूल, इंडियन ऑयल, एशियन पेंट्स, जेसीबी, होंडा, हार्ले-डेविडसन, सन फार्मा, पैनासोनिक, ड्यूरासेल, बेनेटन, हीरो, गुडईयर, डीएलएफ, योकोहामा, गूगल, टाटा, नेस्ले, माइक्रोसॉफ्ट, मोटोरोला, सैमसंग, ओसराम, एयरटेल, सुकैम और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई कंपनियों का नाम औद्योगिक परियोजनाओं के संदर्भ में दिया गया है।

इन कंपनियों और परियोजनाओं की मौजूदगी हरियाणा के औद्योगिक आधार की व्यापकता को दर्शाती है। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों की परियोजनाओं की स्थिति और निवेश का स्तर अलग हो सकता है।

निवेश के साथ रोजगार पर रहेगी नजर

हरियाणा में औद्योगिक निवेश का विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था, विनिर्माण गतिविधियों और सहायक कारोबारी सेवाओं को बढ़ावा देने की क्षमता रखता है। लेकिन इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रस्तावित निवेश कितनी तेजी से जमीन पर उतरता है, कितने उद्योग उत्पादन शुरू करते हैं और स्थानीय युवाओं को कितने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलते हैं।

सरकार का लक्ष्य औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करके निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। आने वाले समय में औद्योगिक परियोजनाओं की प्रगति और उनसे पैदा होने वाले रोजगार के आंकड़े यह बताएंगे कि हरियाणा का औद्योगिक विस्तार स्थानीय लोगों के लिए कितने नए अवसर लेकर आता है।

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