मुंबई मेट्रो हादसा: पिलर का हिस्सा गिरने से 1 की मौत, 5 गिरफ्तार; कॉन्ट्रैक्टर पर ₹5 करोड़ जुर्माना

मुंबई | शनिवार दोपहर मुलुंड के एलबीएस रोड पर निर्माणाधीन मेट्रो कॉरिडोर में हुए दर्दनाक हादसे ने शहर को झकझोर कर रख दिया। Mumbai Metropolitan Region Development Authority (MMRDA) के मेट्रो-4 एलिवेटेड कॉरिडोर के पैरापेट (साइड वॉल) का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। मलबा सड़क से गुजर रही गाड़ियों पर आ गिरा, जिससे एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने परियोजना से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही जिम्मेदार कॉन्ट्रैक्टर और कंसल्टेंट पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
क्या हुआ था हादसे के समय?
अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर के समय मेट्रो-4 के एलिवेटेड सेक्शन का पैरापेट अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा। उस समय सड़क पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। मलबा एक ऑटोरिक्शा और एक कार पर गिरा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
मृतक और घायल
मृतक: रामधनी यादव (46), ऑटोरिक्शा यात्री
गंभीर घायल: राजकुमार यादव (45), ऑटोरिक्शा चालक (आईसीयू में भर्ती)
अन्य घायल: महेंद्र प्रताप यादव (52) और दीपा रूहिया (40) — हालत स्थिर
घायलों का इलाज मुलुंड के एक निजी अस्पताल में जारी है।
गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई
हादसे के बाद पुलिस ने मिलान रोड बिल्डटेक LLP के चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया:
प्रोजेक्ट डायरेक्टर — हरीश चौहान
प्रोजेक्ट मैनेजर — कुलदीप सपकाल
डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर — सौरभ सिंह
सुपरवाइजर — प्रशांत भोईर
इसके अलावा, हिल इंटरनेशनल इंक के प्रोजेक्ट मैनेजर अवधूत इनामदार को भी हिरासत में लिया गया है।
MMRDA ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कॉन्ट्रैक्टर रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर-अस्टाल्डी (RAJV) और उसके सब-कॉन्ट्रैक्टर पर ₹5 करोड़ का जुर्माना लगाया है।जनरल कंसल्टेंट (DB इंजीनियरिंग एंड कंसल्टिंग, हिल इंटरनेशनल इंक और लुइस बर्जर कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड का कंसोर्टियम) पर ₹1 करोड़ का दंड लगाया गया है। साथ ही MMRDA के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सत्यजीत साल्वे को निलंबित कर दिया गया है।
सरकार का रुख: हाई-लेवल जांच के आदेश
Devendra Fadnavis ने घटना को गंभीर बताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार और MMRDA वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य की सभी निर्माणाधीन मेट्रो परियोजनाओं का तत्काल सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
जांच कमेटी किन बिंदुओं की करेगी पड़ताल?
MMRDA द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति निम्नलिखित पहलुओं की जांच करेगी:
निर्माण पद्धति (Construction Methodology)
क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम
साइट सुपरविजन और थर्ड-पार्टी ओवरसाइट
SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) का पालन
प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित हिस्से में निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
विपक्ष और स्थानीय विधायक के आरोप
मुलुंड से भाजपा विधायक मिहिर कोटेचा ने दावा किया है कि साइट पर SOP का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था। उनके अनुसार, पिछले महीने जॉइंट इंस्पेक्शन के दौरान 55 से अधिक गंभीर लापरवाहियां सामने आई थीं, जिन्हें 100 से अधिक GIS-टैग तस्वीरों के साथ दस्तावेज किया गया था। उन्होंने MMRDA कमिश्नर को पत्र लिखकर संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट और सस्पेंड करने की सिफारिश की थी। हालांकि, इन आरोपों पर MMRDA की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।






