Cyber fraudsters. चीन से मिले निर्देश पर काम कर रहे थे साइबर ठग, पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

Cyber fraudsters. Chandigarh Police ने एक बुजुर्ग दंपति से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हुई 38 लाख की साइबर ठगी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दंपति से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए सरगना समेत छह ठगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें चंडीगढ़ की एक महिला भी शामिल है। गिरोह का मास्टरमाइंड फजल उर्फ रॉकी तमिलनाडु के चेन्नई में वेटर का काम करता था। इतना ही पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के तार China और Bangladesh से भी जुड़े हुए है। गिरोह सरगना फजल KGF फिल्म से प्रभावित होकर खुद को ‘रॉकी’ समझकर ठगी का खेल कर रहा था।
एसपी साइबर क्राइम गीतांजलि खंडेलवाल ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने देश के विभिन्न हिस्सों में कई बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम को क्रिप्टो में बदलने का नेटवर्क खड़ा किया था। पुलिस ने एनसीआरपी और गृह मंत्रालय के 14सी पोर्टल की मदद से शिकायतकर्ता की अधिकांश रकम होल्ड भी करवा ली है। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी गिरफ्तारी और खुलासे संभव हैं।
पंजाब से लेकर चेन्नई तक के लोग शामिल

एसपी साइबर क्राइम गीतांजलि खंडेलवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब के फिरोजपुर की वीना रानी, सतनाम सिंह, फाजिल्का के सुखदीप सिंह, धरमिंदर सिंह, चंडीगढ़ की मुकेश और तमिलनाडु के चेन्नई के फजल उर्फ रॉकी को किया गिरफ्तार है। एसपी साइबर क्राइम गीतांजलि खंडेलवाल ने बताया कि यह कार्रवाई कृष्ण चंद की शिकायत पर हुई है। उन्होंने बताया था कि 7 जनवरी को शाम करीब 5:50 बजे उन्हें अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई के कोलाबा थाने का पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग केस में हुआ है। सहयोग न करने पर गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त करने की धमकी दी। यही नहीं, कृष्ण की पत्नी को भी वीडियो कॉल कर गिरफ्तारी की धमकी दी गई। बाद में एक अन्य व्यक्ति ने खुद को सीबीआई निदेशक बताते हुए डराया। लगातार दबाव और भय के माहौल में आकर पीड़ित ने 7 से 8 जनवरी के बीच आरटीजीएस के माध्यम से 38 लाख रुपये अपने खाते से ट्रांसफर कर दिए।
यूएसडीटी में बदली गई ठगी की रकम
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) में बदला गया। इसके लिए मुकेश उर्फ प्रिंस की मदद ली गई, जिसे हर ट्रांजेक्शन पर 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। यह पूरी प्रक्रिया फज़ल उर्फ रॉकी के निर्देश पर चेन्नई से संचालित की जा रही थी। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, कईं बैंक खातों की पासबुक, चेकबुक और एटीएम बरामद किए गए हैं।
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