‘लखपति दीदी’ लक्ष्य के लिए 10 करोड़ महिलाओं को वित्तीय योजनाओं से जोड़ने की तैयारी: शिवराज सिंह चौहान

बजट उपयोग और लाभार्थियों तक सीधी पहुंच
केंद्रीय मंत्री ने मिशन के तहत आवंटित बजट के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और संभावित ‘लखपति दीदियों’ तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए सतत संवाद और निगरानी जरूरी है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति
सरकार का मानना है कि ‘लखपति दीदी’ पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले समय में 10 करोड़ महिलाओं को वित्तीय तंत्र से जोड़ने की रणनीति इस मिशन को और व्यापक आयाम दे सकती है।
FAQ: ‘लखपति दीदी’ मिशन और DAY-NRLM से जुड़े अहम सवाल
1. ‘लखपति दीदी’ योजना क्या है?
‘लखपति दीदी’ पहल के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और वित्तीय सहायता के माध्यम से सालाना कम से कम 1 लाख रुपये की आय अर्जित करने के लिए सक्षम बनाया जाता है। यह पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत संचालित है।
2. इस मिशन का लक्ष्य क्या है?
सरकार ने ‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य 6 करोड़ महिलाओं तक पहुंचाने का रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 10 करोड़ महिलाओं को विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
3. इस योजना की समीक्षा किसने की?
नई दिल्ली के कृषि भवन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की।
4. महिलाओं को किस प्रकार की सहायता दी जाती है?
महिलाओं को निम्नलिखित सहायता प्रदान की जाती है:
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स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से ऋण सुविधा
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कौशल विकास प्रशिक्षण
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बैंक लिंकेज और माइक्रो-फाइनेंस
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सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ाव
5. अब तक कितनी आर्थिक सहायता दी गई है?
मिशन के बैंक लिंकेज कार्यक्रम के तहत अब तक लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता स्वयं सहायता समूहों तक पहुंचाई जा चुकी है।
6. क्या यह योजना पूरे भारत में लागू है?
हाँ, DAY-NRLM देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू है और राज्यों के साथ समन्वय कर इसे संचालित किया जाता है।
7. योजना के प्रमुख घटक क्या हैं?
इस मिशन के चार मुख्य घटक हैं:
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संस्थागत निर्माण एवं क्षमता विकास
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सामाजिक समावेशन एवं सामाजिक विकास
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वित्तीय समावेशन
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आजीविका संवर्धन






