Breaking NewsLatest NewsNationalTrending News

PM Modi in Somnath: दोनों हाथों से डमरू बजाते दिखे PM मोदी, शौर्य यात्रा में 108 घोड़े; देखें ऐतिहासिक पल

PM Modi in Somnath: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के पावन तीर्थ सोमनाथ मंदिर में आयोजित भव्य ‘शौर्य यात्रा’ में हिस्सा लिया। यह यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम का हिस्सा है, जो वर्ष 1026 में महमूद गजनवी के पहले हमले के बाद से अटूट आस्था और साहस के 1000 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।

शौर्य यात्रा के दौरान PM मोदी ने दोनों हाथों से डमरू बजाकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। इस दौरान वे एक खुले, फूलों से सजे वाहन में खड़े नजर आए। जुलूस जब शहर की सड़कों से गुज़रा तो हर ओर “हर हर महादेव” और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण गूंज उठा।

PM Modi in Somnath

प्रधानमंत्री के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर PM मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उन्होंने उन अनगिनत वीर योद्धाओं को भी पुष्पांजलि अर्पित की, जिन्होंने मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

शौर्य यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और वहां उपस्थित ऋषिकुमारों, कलाकारों और संतों से संवाद किया।

108 घोड़े बने शौर्य यात्रा का आकर्षण

PM Modi in Somnath 2

इस भव्य आयोजन में गुजरात पुलिस की माउंटेड यूनिट के 108 घोड़े विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। डीआईजी राजेंद्रसिंह चूड़ासमा ने बताया कि इस टुकड़ी में स्थानीय रूप से पाले गए काठियावाड़ी और मारवाड़ी नस्ल के घोड़े शामिल थे, जिन्हें इस आयोजन के लिए आठ महीने तक विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

 

उन्होंने ANI को बताया,“शौर्य यात्रा PM नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित की जा रही है, जिसमें गुजरात माउंटेड यूनिट के 108 घोड़े केंद्रीय औपचारिक भूमिका निभा रहे हैं।”

350 संस्कृत छात्रों ने किया नेतृत्व

प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और बच्चे मौजूद थे। गुजरात के खेड़ा जिले के ब्रह्मर्षि संस्कृत महाविद्यालय के लगभग 350 छात्रों ने शंख और डमरू बजाते हुए जुलूस का नेतृत्व किया।

 

संस्थान के संजय ब्रह्मभट्ट ने ANI को बताया,“हम नाडियाड से आए हैं। हमारे छात्र शंख और डमरू बजाकर घोड़ों के आगे शौर्य यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं।”

स्वाभिमान और सनातन चेतना का प्रतीक

शौर्य यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि साहस, बलिदान और सनातन संस्कृति की अडिग चेतना का प्रतीक है, जिसने सदियों के विनाश और पुनर्निर्माण के बावजूद सोमनाथ को अमर बनाए रखा।

Author

  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
ज्वेलरी से ज्यादा चमकीं तमन्ना वरुण धवन ने छुए सनी देओल के पैर! 2025 में इन अभिनेत्रियों ने Google पर मचाया तहलका