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IDFC First Bank Fraud Case: 645 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई

IDFC First Bank Fraud Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े कथित 645 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के विकास एवं पंचायत निदेशक कार्यालय के तत्कालीन अधीक्षक नरेश कुमार को गिरफ्तार किया है। ईडी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत चल रही जांच के दौरान की।

ईडी के अनुसार, हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़-पंचकूला स्थित दो निजी स्कूलों के बैंक खातों से करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि का कथित रूप से गबन किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में कई सरकारी कर्मचारी, बैंक अधिकारी और निजी व्यक्ति शामिल रहे हैं।

645 करोड़ रुपये के गबन की जांच

जांच में सामने आया है कि सरकारी विभागों और संस्थानों के खातों से करीब 645 करोड़ रुपये की राशि अवैध रूप से निकाली गई। ईडी के मुताबिक इस मामले में विक्रम वाधवा, रिभव ऋषि और अभय कुमार प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर आपसी मिलीभगत से सरकारी धन को विभिन्न माध्यमों से बाहर निकाला। यह भी पढ़ें : –हरियाणा में ठेके पर लगे रिटायर्ड कर्मियों की सरकार ने की नौकरी से छुट्टी,सरकार ने जारी किए आदेश

नरेश कुमार पर धन छिपाने का आरोप

ईडी का आरोप है कि नरेश कुमार को सीधे स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स नामक एक शेल कंपनी के माध्यम से धनराशि प्राप्त हुई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने न केवल अपने बैंक खातों में संदिग्ध धन प्राप्त किया, बल्कि धन के हस्तांतरण, परतें बनाने (Layering) और उसे छिपाने में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

एजेंसी के अनुसार नरेश कुमार और उनके परिवार के खातों में लगभग 1.20 करोड़ रुपये की राशि पहुंचने के साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा गबन की गई रकम से उत्पन्न नकदी का भी एक हिस्सा उनके पास पहुंचाया गया था। यह भी पढ़ें : – जॉर्जिया से भारत लाया गया कुख्यात गैंगस्टर वैनकेट गर्ग, हरियाणा STF की बड़ी अंतरराष्ट्रीय कामयाबी

शेल कंपनियों और ज्वेलर्स के जरिए चला नेटवर्क

ईडी की जांच में कई शेल कंपनियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें कैपको फिनटेक सर्विसेज, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, आर.एस. ट्रेडर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। आरोप है कि इन कंपनियों के खातों में सरकारी विभागों से धनराशि भेजी गई और बाद में इसे विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर धन के स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया।

जांच एजेंसी के मुताबिक इन कंपनियों से सैकड़ों करोड़ रुपये विभिन्न ज्वेलर्स के खातों में भेजे गए, जहां से बदले में नकद राशि उपलब्ध कराई गई। बाद में यह नकदी कथित तौर पर कई लोगों और सरकारी अधिकारियों तक पहुंचाई गई।

चार दिन की ईडी हिरासत

ईडी ने नरेश कुमार को 10 जून को गिरफ्तार कर विशेष PMLA अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को 14 जून 2026 तक चार दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है ताकि मामले में आगे पूछताछ की जा सके। इससे पहले इसी मामले में रिभव ऋषि, अभय कुमार और विक्रम वाधवा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं।

Author

  • अमर सिंह
    संस्थापक एवं एडिटर | Rashtra Khabar News

    अमर सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 19 वर्षों का अनुभव है। वे प्रतिष्ठित समाचार चैनलों में वीडियो जर्नलिस्ट के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे Hindxpress Media House के संस्थापक हैं और Rashtra Khabar News के माध्यम से हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित देशभर की खबरों एवं जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाते हैं।

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