हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन: ऐसा क्या हुआ कि CM को बदलना पड़ा रास्ता? पढ़िए पूरा मामला

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन सियासी तनाव और हंगामे से भरपूर रहा। वृद्धावस्था पेंशन के मुद्दे पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस विधायकों के पैदल मार्च के कारण हालात ऐसे बने कि मुख्यमंत्री को भी विधानसभा पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ा।
पेंशन पर टकराव से बढ़ी सियासी गर्मी
सत्र की शुरुआत होते ही विपक्ष ने वृद्धावस्था पेंशन के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। वहीं सदन के भीतर मुख्यमंत्री नायब सैनी और कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कांग्रेस पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। सरकार का कहना था कि पेंशन और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया पारदर्शी है, जबकि विपक्ष ने इसे आम लोगों के साथ अन्याय बताया। इसी मुद्दे पर तीखी नोकझोंक का दौर चला।
क्यों बदलना पड़ा मुख्यमंत्री का रास्ता?
भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने सदन में कहा कि कांग्रेस के मार्च से आवाजाही प्रभावित हुई और कई विधायकों को असुविधा का सामना करना पड़ा। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि कुछ जनप्रतिनिधियों को दूसरे मार्ग से आना पड़ा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को भी पंजाब सचिवालय के रास्ते से विधानसभा पहुंचना पड़ा। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन ऐसा प्रदर्शन नहीं होना चाहिए जिससे कामकाज प्रभावित हो।
“प्रदर्शन करना है तो सेक्टर-25 में करें”
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि यदि विरोध करना है तो तय स्थान सेक्टर-25 में किया जाए। उनके इस बयान पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने से कोई नहीं रोक सकता और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा। इसी बीच इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने भी प्रदर्शन की शैली पर सवाल उठाए।
बेल में आने पर भी उठा विवाद
सत्र के दौरान कुछ विपक्षी विधायकों के ‘बेल’ क्षेत्र में आने को लेकर भी चर्चा हुई। स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि कार्यवाही के समय एक जगह पर पांच से अधिक सदस्यों का खड़ा होना नियमों के खिलाफ है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सदन की मर्यादा का उल्लंघन नहीं हुआ है और यदि कोई नियम तोड़ता है तो अध्यक्ष कार्रवाई करें।
पेंशन बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
हरियाणा में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस जारी है। विपक्ष का आरोप है कि पात्र लोगों को समय पर लाभ नहीं मिल रहा, जबकि सरकार का दावा है कि अपात्र लाभार्थियों को हटाकर व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है। बजट सत्र में यही मुद्दा टकराव का कारण बना।






