यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज
पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी भेजने के आरोपों वाले मामले में अदालत सख्त; कहा—देश की संप्रभुता से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी

पाकिस्तान को कथित तौर पर संवेदनशील जानकारी भेजने के आरोप में गिरफ्तार हिसार निवासी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा (Jyoti Malhotra) को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले की प्रकृति बेहद गंभीर है और इससे देश की संप्रभुता तथा अखंडता से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में जमानत देने से पहले विशेष सावधानी बरतना जरूरी होता है।
जांच एजेंसियों के सबूतों पर कोर्ट की टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत सामग्री का अवलोकन किया। कोर्ट का मानना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोपों की गंभीरता नजर आती है। इसी आधार पर अदालत ने कहा कि फिलहाल आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा।
एकल पीठ ने दिया फैसला
यह आदेश Punjab and Haryana High Court के न्यायाधीश Surya Pratap Singh की एकल पीठ ने दिया। अदालत द्वारा यह आदेश बीते शनिवार को पारित किया गया था, जिसकी प्रति मंगलवार को जारी की गई। फैसले में अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोपों की प्रकृति गंभीर है और जांच एजेंसियों की ओर से प्रस्तुत सामग्री से प्रथम दृष्टया मामला बनता दिखाई देता है।
क्या है पूरा मामला
जांच एजेंसियों के अनुसार हिसार की रहने वाली यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से पाकिस्तान से जुड़े लोगों को कुछ संवेदनशील जानकारियां भेजीं। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसियां इससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।
जासूसी मामलों में सख्त नजरिया
भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में अदालतें आमतौर पर बेहद सावधानी से फैसले लेती हैं। यदि आरोप देश की सुरक्षा या संप्रभुता से जुड़े हों तो जांच पूरी होने तक जमानत मिलने की संभावना कम होती है।
जांच एजेंसियों को मिलेगा और समय
हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद जांच एजेंसियों को मामले की गहन जांच के लिए और समय मिलेगा। आने वाले दिनों में जांच के दौरान नए तथ्य सामने आने की भी संभावना जताई जा रही है।






