Ladki Bahin Yojana: e-KYC की डेडलाइन बढ़ी, 60 लाख नाम हटे, 24 लाख महिलाओं का भुगतान अटका
Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाओं में शामिल मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना (Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने योजना के तहत अनिवार्य e-KYC की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी है। यह निर्णय उन महिलाओं को राहत देने के लिए लिया गया है, जिनका लाभ तकनीकी त्रुटियों या गलत जानकारी के कारण अटक गया था।
सरकार का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के लिए यह कदम जरूरी था।
शुरुआत से अब तक क्या बदला?
यह योजना जून 2024 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य 21 से 65 वर्ष की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता देना है। शुरुआत में जुलाई 2024 के आंकड़ों के अनुसार लगभग 2.52 करोड़ महिलाएं लाभार्थी सूची में शामिल थीं। हालिया जांच और डेटा सत्यापन (Scrubbing) के बाद यह संख्या घटकर करीब 1.90 करोड़ रह गई है। यानी लगभग 60 लाख आवेदन अपात्र पाए गए और सूची से हटाए गए।
लाभार्थियों की संख्या घटने के कारण
सरकारी जांच में कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें पात्रता मानकों का पालन नहीं किया गया था। मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
- आयकर दाता परिवारों के आवेदन
- ट्रैक्टर को छोड़कर चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार
- परिवार का सदस्य सरकारी सेवा में कार्यरत होना
- e-KYC में गलत या अधूरी जानकारी
- बैंक और आधार डेटा में असंगति
इन वजहों से बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त किए गए। हालांकि, कई वास्तविक लाभार्थियों का भुगतान भी तकनीकी कारणों से रुक गया।
e-KYC में सुधार का अंतिम अवसर
राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं ने e-KYC के दौरान गलती से गलत विकल्प चुन लिया था—जैसे सरकारी नौकरी से जुड़ा सवाल—उन्हें अब सुधार का मौका दिया जा रहा है। लाभार्थी आधिकारिक पोर्टल ladakibahin.maharashtra.gov.in पर लॉग इन कर आधार से जुड़े बैंक विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी को अपडेट कर सकती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक सभी पात्र महिलाओं का सत्यापन पूरा कर लिया जाए।
24 लाख महिलाओं का रुका भुगतान
डेटा मिसमैच और तकनीकी दिक्कतों के कारण लगभग 24 लाख महिलाओं का भुगतान दिसंबर 2025 से लंबित है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, e-KYC प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनवरी और फरवरी 2026 की किस्तों को मिलाकर ₹3,000 की एकमुश्त राशि जारी की जा सकती है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, e-KYC पूर्ण होने के बाद लंबित किस्तों का भुगतान एकमुश्त किया जा सकता है। हालांकि, आधिकारिक तारीख की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
योजना की प्रमुख शर्तें
- आयु सीमा: 21 से 65 वर्ष
- वार्षिक पारिवारिक आय: ₹2.5 लाख से कम
- मासिक सहायता: ₹1,500
- पात्रता: आर्थिक रूप से कमजोर परिवार
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक मजबूती देना, पोषण स्तर सुधारना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा पर असर
लाभार्थियों की संख्या में कमी से जहां अपात्र लोगों को हटाने में सफलता मिली है, वहीं कई वास्तविक जरूरतमंद महिलाएं भी अस्थायी रूप से प्रभावित हुई हैं। यदि लंबित भुगतान जल्द जारी होता है तो इससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सत्यापन की सख्ती से भविष्य में योजना अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
English Facts (Points Only)
- e-KYC deadline extended till 31 March 2026
- Beneficiaries reduced from 2.52 crore to 1.90 crore
- Around 60 lakh ineligible applicants removed after scrutiny
- 24 lakh women payments pending since December 2025
- Possible ₹3,000 lump sum payment for Jan & Feb 2026
- Monthly assistance of ₹1,500 under the scheme
- Eligibility: Women aged 21–65 years, family income below ₹2.5 lakh annually






