MLFF Tolling : बदलने जा रहा Toll Tax का नियम, MLFF टोलिंग होगी शुरू !

MLFF Tolling : अगर आप कार या अपने वाहन से सफर करते हैं और अक्सर स्टेट या National Highway पर Toll Plaza से गुजरते हैं तो यह खबर आपके लिए है। सरकार की ओर से टोल प्लाजा पर टैक्स जमा करने के तरीके को बदला जा रहा है। दरअसल, 1 अप्रैल से Toll Tax भरने का तरीका पूरी तरह डिजिटल होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने अब टोल प्लाजा पर नकद लेन-देन को पूरी तरह रोकने का फैसला किया है। Haryana और गुजरात में इसका ट्रायल भी शुरू हो चुका है। इसके सफल होने के बाद इस योजना को पूरे देश में लागू किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए बदलाव के तहत टोल प्लाजा पर टोल टैक्स का भुगतान केवल फास्टैग या यूपीआई के जरिए ही होगा, जो पूरी तरह डिजिटल माध्यम है।
खत्म होंगी कैश लेन

अभी तक कई टोल प्लाजा पर अलग से कैश लेन बनाई जाती थी. यह लेन उन लोगों के लिए होती है, जो यूपीआई या फिर फास्टैग से टोल का भुगतान नहीं करते हैं. ऐसे यात्री कैश में टोल भरते हैं, लेकिन नया नियम लागू होने के बाद कैश लेन को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि यह सिस्टम पारदर्शिता को बढ़ाएगा, साथ ही इससे हाईवे पर जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी.
FASTag और UPI ही मान्य होगा

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। पहले टोल प्लाजा पर UPI से भुगतान शुरू किया गया था, अब सरकार ने तय किया है कि एक अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश में भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बाद सिर्फ FASTag और UPI ही मान्य होगा।
MLFF टोलिंग को लागू करने की तैयारी
केंद्र सरकार यात्रा को सुगम बनाने के लिए देशभर के 25 टोल प्लाजाओं पर पायलट प्रोजक्ट के तहत मल्टी लेन फ्री फ्लो यानी MLFF टोलिंग शुरू करने जा रही है। इसकी सफलता के बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। इस सिस्टम में टोल प्लाजा पर कोई बैरियर नहीं होगा और वाहन बिना रुके सीधे निकल सकेंगें। टोल चार्ज अपने आप फास्ट टैग से कट जाएगा। Toll Tax की इस नई व्यवस्था का ट्रायल हरियाणा और गुजरात में किया जा रहा है। नेशनल हाईवे पर स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम शुरू किया जा रहा है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद वाहन बिना किसी रुकावट के हाईवे से गुजर सकेंगे और Toll Tax ऑटोमैटिक तरीके से कट जाएगा।

हाइटेक ओवरहेड सिस्टम
जानकारी के अनुसार मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम के तहत सड़क के ऊपर मॉडर्न तकनीक से लैस ओवरहेड सिस्टम लगाए गए हैं। इनमें फास्टैग सेंसर, नंबर प्लेट रीडर कैमरे, लेजर कैमरे और वीडियो रिकॉर्डर शामिल हैं। सड़क के दोनों तरफ करीब 50 मीटर की दूरी पर ऐसे चार ओवरहेड सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि किसी भी वाहन की पहचान में चूक न हो।
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ऐसे कटेगा Toll Tax
जब कोई वाहन हाइवे पर इन ओवरहेड सिस्टम के नीचे से गुजरेगा, तो आरएफ (RF) तकनीक के जरिए सिस्टम फास्टैग को रीड करेगा। साथ ही एनपीआर (NPR) कैमरे वाहन की नंबर प्लेट रीड कर वाहन नंबर की पहचान करेंगे। पहचान होते ही फास्टैग से Toll Tax अपने आप कट जाएगा। वाहन ड्राइवर को रुकने या लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। इस सिस्टम में लगे कैमरे वाहनों की स्पीड भी रिकॉर्ड करेंगे। यदि कोई वाहन ड्राइवर ओवर स्पीड करता है, तो 50 मीटर आगे लगे दूसरे सिस्टम से उसका टोल कटेगा और ट्रैफिक नियम तोड़ने पर उसे चालान भी भेजा जाएगा।

यात्रियों को सलाह
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि अगर वे अभी भी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान करते हैं तो यह सिस्टम बंद होने जा रहा है। ऐसे में वे अपने फास्टैग को एक्टिव रखें या फिर UPI से डिजिटल पेमेंट करने के लिए तैयार रहें। सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार का यह कदम बैरियर-फ्री हाईवे की दिशा में है। दरअसल, केंद्र सरकार देश के हाईवे को बैरियर-फ्री बनाना चाहती है, जहां गाड़ियों को टोल भरने के लिए रुकना न पड़े और उनका टोल अपने आप कट जाए।






