1,500 करोड़ का बड़ा निवेश: राजपुरा में इस्पात हब विकसित करेगा JSW, पंजाब सरकार से अहम बैठक

चंडीगढ़/मुंबई, 20 फरवरी 2026: पंजाब के उद्योग क्षेत्र के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने मुंबई में देश के प्रमुख उद्योगपति Sajjan Jindal से विस्तृत चर्चा की, जिसके बाद राजपुरा में इस्पात क्षेत्र में ₹1,500 करोड़ के निवेश की घोषणा की गई। इस प्रस्तावित परियोजना से पंजाब के औद्योगिक ढांचे को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। बैठक में निवेश प्रोत्साहन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस दौरान उद्योग विस्तार, नई परियोजनाओं और भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
राजपुरा बनेगा इस्पात उत्पादन का नया केंद्र
- JSW Group द्वारा घोषित निवेश राजपुरा क्षेत्र में इस्पात क्षेत्र की क्षमताओं को बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा। इस परियोजना से:
- विनिर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी
- इस्पात आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी
- स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- सहायक उद्योगों को भी लाभ मिलेगा
उद्योगपति ने संकेत दिया कि समूह भविष्य में पंजाब में अन्य क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तलाशेगा।

13 मार्च को निवेश शिखर सम्मेलन में भागीदारी
उद्योगपति ने 13 मार्च को Plaksha University में आयोजित होने वाले इन्वेस्ट पंजाब समिट के उद्घाटन सत्र में शामिल होने की पुष्टि की है। यह आयोजन राज्य सरकार के निवेश आकर्षण अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पंजाब की औद्योगिक ताकत पर जोर
मंत्री ने कहा कि पंजाब के पास उत्तर भारत के प्रमुख बाजारों तक उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, मजबूत एमएसएमई नेटवर्क और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। राज्य में इस्पात, ऑटो पार्ट्स, वस्त्र, खेल सामान, खाद्य प्रसंस्करण और लाइट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में स्थापित औद्योगिक क्लस्टर पहले से सक्रिय हैं।
उन्होंने बताया कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों के चलते पंजाब को लगातार शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में गिना जा रहा है। राज्य की सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली निवेशकों को समयबद्ध स्वीकृतियां प्रदान करने में सहायक साबित हो रही है।
नई औद्योगिक नीति से मिलेगा भविष्य उन्मुख समर्थन
सरकार जल्द ही नई औद्योगिक नीति लागू करने जा रही है, जिसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के विनिर्माण और तकनीक-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना है। प्रस्तावित नीति में शामिल होंगे:
- प्रतिस्पर्धी वित्तीय प्रोत्साहन
- प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक ढांचा
- क्षेत्र-विशिष्ट इंडस्ट्रियल पार्क
- तेज स्वीकृति प्रक्रिया
- लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार
साथ ही रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, उन्नत सामग्री, नवीकरणीय ऊर्जा और उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार-उद्योग सहयोग पर भरोसा
उद्योगपति ने पंजाब सरकार के सक्रिय और निवेश समर्थक रवैये की सराहना की। उन्होंने रक्षा निर्माण, ऑटोमोबाइल और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में संभावनाओं पर भी रुचि दिखाई। मंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रस्तावित परियोजनाओं को हर स्तर पर सहयोग, मार्गदर्शन और शीघ्र स्वीकृतियां उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, मजबूत लॉजिस्टिक्स और पारदर्शी प्रशासन के जरिए उद्योगों को अनुकूल वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पंजाब सरकार 2026 में प्रस्तावित निवेशक शिखर सम्मेलन से पहले देश-विदेश के उद्योगपतियों से संवाद बढ़ा रही है। राज्य का लक्ष्य औद्योगिक विविधीकरण, निर्यात में वृद्धि और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन है। हाल के महीनों में सरकार ने कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
क्या बदलेगा इस निवेश से?
- राजपुरा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी
- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे
- सहायक उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों को मांग में वृद्धि का लाभ मिलेगा
- पंजाब का इस्पात और विनिर्माण क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा
यह पहल पंजाब को उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





