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राष्ट्र चौपाल: देसी अंदाज़, सियासी तड़का और हरियाणा की सियासत के चर्चित किस्से

देसी राम-राम से शुरू हुई बातें अब सियासत के बड़े फैसलों तक पहुंच चुकी हैं। पीएम मोदी का हरियाणवी अंदाज़, मुख्यमंत्री नायब सैनी की चौपाल राजनीति, पंचायत के चौंकाने वाले फरमान, नौकरियों की बहार और सत्ता के वो फैसले जो चर्चा में हैं—सब कुछ पढ़िए राष्ट्र चौपाल में। RashtraChaupal

पीएम मोदी का हरियाणवी राम-राम !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा से लगाव के बारे में हर किसी को पता है, लेकिन उनका हरियाणवी और देसी अंदाज हाल ही में सबके सामने आया। दअरसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में सांसद खेल महोत्सव के दौरान खिलाड़ियों और युवाओं को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उसी कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के टोहाना में चल रहे सांसद खेल महोत्सव कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ जुड़े युवाओं और खिलाड़ियों में से हरियाणा के बॉक्सर नीरज सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत की।

pm modi ram ram

हरियाणवी बॉक्सर और PM मोदी के बीच कुछ ऐसी बातचीत हुई कि उसका वीडियो तुरंत ही सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होने लगा। कार्यक्रम के दौरान बॉक्सर नीरज ने प्रधानमंत्री से, ‘सर जी, राम-राम हम सबकी ओर से और कैसे हो?’, पूछा तो प्रधानमंत्री मुस्कुराते हुए बोले, ‘मैं तेरे जैसा ही हूं।’ प्रधानमंत्री की ओर से देसी अंदाज में बॉक्सर नीरज को दिया गया जवाब सुनकर वहां मौजूद हर और खुद पीएम मोदी भी जमकर हंसे। उनकी इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। प्रधानमंत्री का जवाब भी काफी सरल और अपनेपन वाला था।

जब दहेज में मांगा था पाकिस्तान !

आमतौर पर व्यक्ति शादी-ब्याह जैसे मौके पर अपने लिए दहेज में कार, बंगला या फिर किसी अन्य महंगी चीज की डिमांड करते हैं, लेकिन कभी आपने सुना है कि किसी व्यक्ति ने शादी करने की एवज में अपने लिए पूरे देश को ही दहेज में मांग लिया हो, जी हां, हमारे देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने लिए दहेज में कोई गाड़ी, बंगला या अन्य सामान नहीं, बल्कि पूरे पाकिस्तान को ही मांग लिया था।

atal bihari vajpayee दअरसल, हाल ही में देश भर में फुल वाले दल की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया। ऐसे में लखनऊ में भी एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान लखनऊ से सांसद व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को लेकर एक ऐसा किस्सा सुनाया, जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी का किसी से परिचय कराने की जरूरत नहीं है, उनके स्वभाव से लोग परिचित है। राजनाथ सिंह ने एक घटना की चर्चा करते हुए कहा कि एक बार पूर्व पीएम पाकिस्तान के दौरे पर गए थे। उनके भाषण से प्रभावित होकर एक पाकिस्तानी महिला पत्रकार ने कहा कि मैं आपसे शादी करने के लिए तैयार हूं, लेकिन इसके एवज में जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान के हवाले कर दें। इस पर अटल जी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था कि मैडम मैं आपके साथ शादी करने के लिए तैयार हूं, लेकिन आप वचन दीजिये कि हमें दहेज में पाकिस्तान मिलेगा।

मुख्यमंत्री अपणे घर का आदमी लाग्गै सै”

हरियाणा के बड़े साहब यानि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सादगी और उनके हंसमुख चेहरे का हर कोई कायल है। इसी सादगी के कारण अब प्रदेश की जनता उन्हें अपने ही घर का सदस्य समझने लगी है। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह ने राखीगढ़ी एक कार्यक्रम में जाते समय जींद जिले के गांव ईंटल कलां में अचानक गाड़ी रुकवाई और सीधे ग्रामीणों के बीच बातचीत करने पहुंच गए। बिना किसी तामझाम के मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर गांव वाले खुशी से गदगद हो गए। मुख्यमंत्री गांव में हुक्का गुड़गुड़ाते बुजुर्गों के साथ बैठ गए, उनका हालचाल पूछा और खेती-बाड़ी से लेकर गांव की ज़िंदगी पर खुलकर बातचीत की।

मुख्यमंत्री अपणे घर का आदमी लाग्गै सै”

उन्होंने ग्रामीण जीवन की सादगी और आपसी भाईचारे की भावना की सराहना करते हुए कहा कि गांवों की यही आत्मा हरियाणा की असली ताकत है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किए और क्षेत्र की कुछ स्थानीय समस्याओं का संक्षेप में उल्लेख किया, जिन्हें मुख्यमंत्री जी ने ध्यानपूर्वक सुना और उचित कार्रवाई का भरोसा भी दिया। बड़े साहब के इस अंदाज में देखकर वहां मौजूद लोग भी कहने लगे “इब तो मुख्यमंत्री भी अपणे ही घर का आदमी लाग्गै सै।” मुख्यमंत्री का इस तरह अचानक गांव में रुकना और देसी अंदाज़ में लोगों से मिलना यह साबित करता है कि नायब सिंह सैनी ज़मीन से जुड़े, सादा जीवन और बड़े दिल वाले नेता हैं, जो सच में हरियाणा की मिट्टी की खुशबू समझते हैं। मुख्यमंत्री की यही सादगी प्रदेश की चौपालों पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

कईं सरकारों की खराब की हालत !

म्हारे प्रदेश के बड़े साहब की नीतियों के कारण जहां विपक्षी दल परेशान है। वहीं, उनकी खुद की पार्टी के नेता अब दिल खोलकर जनता के बीच उनकी बनाई नीतियों और उनकी खुलकर तारीफ कर रहे हैं। फुल वाले दल में राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तारीफ करने वालों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। हाल ही में अपने पंचकूला दौरे के दौरान अमित शाह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की दिल खोलकर तारीफ की। अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी की जन कल्याण की नीतियों के कारण देश की कई सरकारों की “हालत खराब” हो गई है। खासकर किसानों को दिये जा रहे लाभों ने अन्य राज्यों की सरकारों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।

amit shah & nayab saini

अमित शाह ने कहा कि हरियाणा सरकार देश में गन्ने का सबसे अधिक भाव किसानों को दे रही है। इससे अन्य राज्यों की सरकारों पर भी अपने किसानों को बेहतर कीमत देने का दबाव बढ़ गया है। अमित शाह ने मंच से एक रोचक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि भाजपा का चुनाव घोषणा पत्र पढ़ते समय जब मुझे पता चला कि हरियाणा में 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने की घोषणा की जा रही है, तो मैंने देर रात करीब एक बजे के आसपास मुख्यमंत्री नायब सैनी को फोन किया। शाह ने मुस्कराते हुए कहा, ‘मैंने उनसे पूछा कि भाई सैनी जी, आपने यह पढ़ा है? 24 फसलें एमएसपी पर खरीद पाओगे?’ इस पर मुख्यमंत्री ने बेहद विनम्रता से जवाब दिया—’हां जी, खरीद लेंगे। आप चिंता मत करो, बस इसकी मंजूरी दे दीजिए।’ गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि कई बार वह खुद सोचते हैं कि नायब सैनी में इतनी हिम्मत और आत्मविश्वास कहां से लाता है ?

 

पंचायत का अजीब फरमान

हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव ब्राह्मणवाला से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गांव की ग्राम पंचायत ने एक विवादित फैसला सुनाते हुए ऐलान किया है कि अब गांव का कोई भी युवक उसी गांव की किसी युवती या बहू के साथ शादी या प्रेम संबंध नहीं रख सकेगा। यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसे अपनी पत्नी के साथ गांव छोड़कर जाना होगा। पंचायत का तर्क है कि यह फैसला किसी कट्टरपंथी विचारधारा के तहत नहीं, बल्कि गांव के गिरते नैतिक मूल्यों और सामाजिक ताने-बाने को बचाने के लिए लिया गया है। ग्रामीणों और सरपंच प्रतिनिधि के अनुसार, हाल के दिनों में गांव के युवाओं के बीच गांव की ही बहू-बेटियों के साथ प्रेम प्रसंग और गुपचुप शादी करने के मामले बढ़े हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। गांव वासियों की माने तो आज समाज में नैतिक पतन हो रहा है। युवा वर्ग गलत दिशा में जा रहा है और लिव-इन रिलेशनशिप जैसी प्रवृत्तियां गांव की मर्यादा को धूमिल कर रही हैं। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सहमति जताई कि इस “सामाजिक बुराई” को रोकने के लिए ऐसे कड़े कदम उठाना अनिवार्य है। एक ग्रामीण ने कहा, “अक्सर देखा जा रहा है कि युवक गांव की ही बहू-बेटियों के साथ गुपचुप शादी कर रहे हैं। इससे गांव की विचारधारा दूषित हो रही है। गांव की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह ठोस निर्णय लिया गया है.”

 

माननियों की हो गई बल्ले-बल्ले

प्रदेश की जनता को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अकसर कईं फैसले लेने वाली हरियाणा सरकार ने अब प्रदेश के विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला किया है। सरकारी दौरों के दौरान विधायकों के ठहरने के खर्च की सीमा को अब दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। नई अधिसूचना के अनुसार, अब विधायक दूसरे राज्यों या शहरों के दौरों के दौरान पहले से कहीं अधिक महंगे और लग्जरी होटलों में रुक सकेंगे। सरकार ने होटल के किराये की पुरानी सीमा को बढ़ा दिया है, जिसके बाद अब विधायक मेट्रो शहरों में 12,000 रुपए प्रतिदिन तक के किराये वाले होटल में ठहर सकेंगे। गैर-मेट्रो शहरों के लिए यह सीमा 9 हजार रुपए प्रतिदिन तय की गई है। इससे पहले यह सीमा मात्र 5 हजार थी। इस बदलाव के साथ ही विधायकों के स्टे बजट में लगभग 168% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार ने बजट बढ़ाने के साथ-साथ नियम भी स्पष्ट कर दिए हैं। यह सुविधा हर यात्रा के लिए उपलब्ध नहीं होगी। यह लाभ केवल उन विधायकों को मिलेगा जो विधानसभा की विभिन्न समितियों के सदस्य के रूप में यात्रा करेंगे। होटल के बिल का भुगतान सरकार तभी करेगी, जब विधायक किसी सरकारी या आधिकारिक काम से दौरे पर होंगे। यदि कोई विधायक अपनी व्यक्तिगत या निजी यात्रा पर जाता है, तो उसे अपनी जेब से ही खर्च उठाना होगा। उस पर ये नए नियम लागू नहीं होंगे।

 

इन आवैगी नौकरियों की बहार !

हरियाणा में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। नया साल 2026 उनके लिए खुशियों की सौगात लेकर आने वाला है। जी हां, हरियाणा में नए साल में 30 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां होंगी। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर प्रथम और द्वितीय श्रेणी के रिक्त पदों को भरने की तैयारी है। वर्तमान में विभिन्न श्रेणियों के 17 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। अन्य पदों को लिए जल्द ही भर्ती विज्ञापन जारी कर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) अब सीईटी की मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुटा है। साथ ही चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए अलग से सीईटी आयोजित कराया जाएगा। सरकार की ओर से भी सभी विभागों और बोर्ड-निगमों को रिक्त पदों को भरने के लिए मांगपत्र भेजने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। सबसे पहले शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी होते ही परीक्षाओं का दौर शुरू होगा।

 

अब नहीं होगी जांच की जरूरत !

अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने वाली हरियाणा पुलिस अब अपने जवानों को भी नहीं बख्शेगी। हरियाणा पुलिस में भ्रष्टाचार, ठगी और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने साफ कर दिया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी ठगी या अपराध में रंगे हाथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय जांच की औपचारिकता में समय बर्बाद नहीं किया जाएगा, बल्कि संविधान के आर्टिकल 311(2) के तहत सीधे सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। डीजीपी सिंह ने इस संबंध में प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर लिखा कि ठग और बदमाश चाहे पुलिस में हों या समाज में, पुलिस विभाग की नीति एकदम साफ है-कानून को जवाब देना होगा। डीजीपी की ओर से सभी एसपी और सीपी को निर्देश दिए हैं कि जो भी पुलिसकर्मी आपराधिक गतिविधियों में रंगे हाथ पकड़ा जाए, उसके लिए अलग से जांच बैठाने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में संविधान द्वारा प्रदत्त असाधारण शक्तियों का उपयोग करते हुए तत्काल बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए। डीजीपी की ओर से जारी आदेश केवल कोई चेतावनी मात्र नहीं है, बल्कि बीते दो महीनों में इस नीति के तहत कई मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। रंगे हाथ पकड़े गए पुलिसकर्मियों को सेवा से हटाया गया है और आगे भी यही नीति सख्ती से लागू रहेगी। डीजीपी का यह सख्त रुख पुलिस महकमे की छवि सुधारने और ईमानदार पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। संदेश साफ है कि वर्दी में अपराध बर्दाश्त नहीं, जैसी करनी वैसी भरनी।

 

‘धुरंधर’ देखकर गद्गद हुए ‘गब्बर’

अपनी ईमानदार छवि और तुरंत फैसले लेने के कारण प्रदेश की जनता की पसंद बन चुके हरियाणा के ‘गब्बर’ कहलाए जाने वाले कैबिनेट मंत्री अनिल विज का हाल ही में एक नया अंदाज देखने को मिला। आमतौर पर टी प्वाइंट पर चाय की चुसकियां लेते हुए अकसर गुनगुनाने वाले अनिल विज कुछ दिन पहले ही रिलीज हुई फिल्म धुरंधर देखने पहुंचे। फिल्म देखने के बाद उन्होंने इसकी विषयवस्तु और प्रस्तुति की सराहना की।

Minister Anil Vij after watching the film Dhurandharअनिल विज ने कहा कि धुरंधर में उन पहलुओं को दिखाने की कोशिश की गई है, जो आम तौर पर सामने नहीं आ पाते। विज ने कहा कि हमारे पड़ोसी देश में घर-घर “सांप” पाले जा रहे हैं और उन्हें उनके ही घर में कुचलने का काम इंटेलिजेंस एजेंसियां कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान एजेंसियां जान जोखिम में डालकर जिस तरह काम करती हैं, उसे फिल्म में प्रभावी ढंग से दिखाने का प्रयास किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि फिल्म में यह भी दर्शाया गया है कि कैसे दुश्मन के नेटवर्क बने होते हैं और उन्हें उनके ही ठिकानों पर जाकर ध्वस्त किया जाता है। धुरंधर में 26/11 जैसे आतंकी हमलों और नकली नोटों के नेटवर्क से जुड़े पहलुओं को भी दिखाने की कोशिश की गई है।

Author

  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

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