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हरियाणा में नगर निकाय चुनाव का बिगुल -10 मई को मतदान, 13 को मतगणना

चंडीगढ़ : हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त देविंदर सिंह कल्याण ने पंचकूला स्थित राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय में नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी, जिसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। इस घोषणा के अनुसार, अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों के महापौरों और पार्षदों के साथ-साथ रेवाड़ी नगर परिषद तथा सांपला, धारूहेड़ा एवं उकलाना नगर पालिकाओं के अध्यक्षों व सभी वार्डों के सदस्यों के लिए आम चुनाव कराए जाएंगे। साथ ही टोहाना, झज्जर, राजौंद, तरावड़ी, कनीना और साढौरा की नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं के विभिन्न वार्डों की 6 रिक्त सीटों पर सदस्यों के लिए उप चुनाव भी संपन्न होंगे।

पंचायती राज संस्थाओं के तहत हिसार के ग्राम पंचायत मंडी आदमपुर और जवाहर नगर तथा कैथल के गोविंदपुरा और पोलड़ में आम चुनाव होंगे, जबकि प्रदेश की अन्य 528 खाली सीटों (पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद) पर उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चुनाव की इस घोषणा के साथ ही संबंधित नगर निकाय और पंचायत क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता 13 अप्रैल, से तुरंत प्रभावी हो गई है, जिसके अंतर्गत चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर भी रोक लगा दी गई है।

चुनाव कार्यक्रम

  • नामांकन नोटिस  15 अप्रैल
  • नामांकन प्रक्रिया  21 से 25 अप्रैल
  • नामांकन जांच    27 अप्रैल
  • नाम वापसी      28 अप्रैल
  • वोटिंग           10 मई
  • मतगणना       13 मई

शैक्षणिक योग्यता

नगर निगम महापौर और नगर परिषद/पालिका अध्यक्ष पद के लिए अनारक्षित और पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों का 10वीं पास होना अनिवार्य है, जबकि महिलाओं और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए यह योग्यता 8वीं पास रखी गई है। इसी तरह पंचायती राज संस्थाओं में पंच, सरपंच और सदस्य पद हेतु सामान्य श्रेणी के लिए 10वीं पास होना आवश्यक है, जबकि महिलाओं और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए 8वीं पास की योग्यता तय की गई है। अनुसूचित जाति की महिला उम्मीदवारों के लिए, जो पंच (सदस्य ग्राम पंचायत), नगर परिषद/पालिका एवं निगम की सदस्य का चुनाव लड़ना चाहती हैं, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 5वीं पास निर्धारित की गई है।

खर्च सीमा

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा भी तय की गई है, जिसमें नगर निगम महापौर के लिए अधिकतम 30 लाख। सदस्यों के लिए 7.50 लाख हैं। पंचायती राज में सरपंच के लिए यह सीमा 2 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 6 लाख रुपये रखी गई है।

 

अम्बाला निगम को लेकर कानूनी नोटिस

अम्बाला में नगर निगम में आबादी की शर्त पूरी न होने को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने राज्य निर्वाचन आयोग को कानूनी नोटिस भेजा गया है। जिसमें कहा गया कि नगर निगम के तौर पर चुनाव से पहले न्यूनतम 3 लाख की जनसंख्या पूरी होना कानूनन आवश्यक। 6 अप्रैल 2026 तक अंबाला नगर निगम की आधिकारिक जनंसख्या 2 लाख 58 हजार 776 है। यानी 3 लाख की आबादी की शर्त पूरा करने से 41 हजार कम है।

Author

  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

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