Union Budget 2026: दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर इम्पोर्ट ड्यूटी छूट, मरीजों को बड़ी राहत

Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि सात दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और Food for Special Medical Purposes (FSMP) को व्यक्तिगत आयात पर कस्टम ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा।
यह फैसला National Policy for Rare Diseases (NPRD), 2021 के तहत मरीजों पर पड़ने वाले भारी आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
क्यों अहम है यह फैसला?
दुर्लभ बीमारियों की दवाएं अक्सर विदेशों से मंगानी पड़ती हैं और कस्टम ड्यूटी के कारण इनकी कीमत कई गुना बढ़ जाती है। अब ड्यूटी छूट से इलाज की लागत में सीधी कमी आएगी।
इन 7 दुर्लभ बीमारियों को मिलेगा लाभ
- Congenital Hyperinsulinemic Hypoglycaemia (CHI)
- Familial Homozygous Hypercholesterolemia (HoFH)
- Alpha Mannosidosis
- Primary Hyperoxaluria
- Cystinosis
- Hereditary Angioedema (HAE)
- Primary Immune Deficiency Disorders
इन बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं, इंजेक्शन, एंजाइम थैरेपी और मेडिकल न्यूट्रिशन अब बिना कस्टम ड्यूटी के आयात की जा सकेंगी।
मरीजों और परिवारों को क्या फायदा?
- इलाज की कुल लागत में कमी
- महंगी आयातित दवाओं तक बेहतर पहुंच
- Out-of-Pocket खर्च कम होगा
- लंबे समय तक इलाज जारी रखना आसान
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत
- Rare Disease नीति को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत में Rare Disease Care Ecosystem को मजबूत करेगा और ऑर्फन ड्रग्स की उपलब्धता बढ़ाने में मदद करेगा।
FAQ
कस्टम ड्यूटी छूट किसे मिलेगी?
जिन मरीजों को सूचीबद्ध दुर्लभ बीमारियों के लिए दवाएं व्यक्तिगत उपयोग हेतु आयात करनी होंगी।
क्या यह छूट सभी दवाओं पर लागू होगी?
केवल उन्हीं दवाओं, मेडिकल फूड और FSMP पर जो इन 7 बीमारियों के इलाज में उपयोग होती हैं।
क्या इलाज पूरी तरह मुफ्त हो जाएगा?
नहीं, लेकिन कस्टम ड्यूटी हटने से कुल लागत में बड़ी कमी आएगी।
यह फैसला क्यों जरूरी था?
क्योंकि दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भारत में सीमित और बेहद महंगी हैं।






