बहबल कलां केस में आज सुखबीर बादल से पूछताछ, SIT मुख्यालय पहुंचेंगे अकाली नेता

चंडीगढ़, 11 सितंबर। बहबल कलां गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से आज SIT पूछताछ करेगी। उन्हें सुबह 11 बजे चंडीगढ़ स्थित SIT मुख्यालय पहुंचने के लिए बुलाया गया है। करीब तीन महीने के भीतर यह दूसरी बार है जब सुखबीर बादल से इस मामले में पूछताछ होगी।
यह मामला अक्टूबर 2015 में फरीदकोट के बहबल कलां में हुई पुलिस फायरिंग से जुड़ा है। गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सिख श्रद्धालुओं पर हुई फायरिंग में कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की मौत हुई थी।
उस समय पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की गठबंधन सरकार थी। प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री, जबकि सुखबीर सिंह बादल उपमुख्यमंत्री के साथ गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
कई आयोग और SIT कर चुके हैं जांच
बहबल कलां गोलीकांड और बेअदबी से जुड़े मामलों की जांच के लिए अलग-अलग समय पर कई जांच आयोग और विशेष जांच टीमें गठित की गईं। इनमें जस्टिस जोरा सिंह आयोग और जस्टिस रणजीत सिंह आयोग प्रमुख रहे हैं।
जांच के दौरान तत्कालीन पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं की भूमिका भी जांच के दायरे में रही। पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, पूर्व आईजी परमराज सिंह उमरानंगल और सुखबीर सिंह बादल समेत कई लोगों से मामले के संबंध में पूछताछ की जा चुकी है।
2026 में जांच ने फिर पकड़ी रफ्तार
साल 2026 में SIT ने मामले की जांच को फिर गति दी है। जून में अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने SIT के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। इसके बाद जुलाई में जांच टीम ने बुर्ज जवाहर सिंह वाला और बहबल कलां के घटनास्थलों का दौरा भी किया।
इसके अलावा भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला भी 3 सितंबर को SIT के सामने पेश हुए थे।
सुखबीर बादल को पांचवीं बार समन?
सुखबीर सिंह बादल को पूछताछ के लिए जारी किया गया यह पांचवां समन बताया जा रहा है। SIT अब उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब कर सकती है।
मामले की जांच की प्रगति को लेकर अदालत में भी कार्यवाही चल रही है। ऐसे में SIT की जांच के बाद संभावित पूरक आरोप पत्र दाखिल किए जाने पर भी नजर बनी हुई है।
आज की पूछताछ इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लंबे समय से लंबित इस मामले में 2026 के दौरान जांच एजेंसी ने कई अहम गतिविधियां तेज की हैं।







