हरियाणा के ग्रामीण सफाई कर्मियों को सरकार का बड़ा तोहफा, मानदेय से लेकर भत्तों तक बढ़ोतरी; ड्यूटी में मौत पर परिवार को नौकरी

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए कई अहम फैसले किए हैं। सरकार ने मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ वर्दी और धुलाई भत्ते में भी इजाफा किया है। वहीं, ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मी की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने का फैसला भी किया गया है।
ये फैसले 29 मई 2026 को ग्रामीण सफाई कर्मियों के साथ हुई बैठक में उठाई गई मांगों के आधार पर लिए गए हैं। विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक की ओर से 10 सितंबर को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जनवरी से बढ़ा मानदेय, बकाया राशि भी मिलेगी

इस अवधि की बढ़ी हुई राशि का बकाया भुगतान भी किया जाएगा। इसके अलावा अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि के दौरान जिन पात्र सफाई कर्मियों को मानदेय नहीं मिल पाया था, उनके मामलों में सरकारी रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद बकाया राशि जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी जानकारी के अनुसार ऐसे मामलों में ढांड के 48, फरुखनगर के 54, सिहमा के 25 और निजामपुर के 15 सफाई कर्मी शामिल हैं।
गांव से बाहर ड्यूटी पर 200 रुपये प्रतिदिन भत्ता
सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों को गांव से बाहर ड्यूटी पर भेजे जाने की स्थिति में भी आर्थिक राहत दी है। ऐसे कर्मियों को 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता दिया जाएगा। यह भुगतान संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी यानी BDPO कार्यालय के पेटी कैश से किया जाएगा।
वर्दी और धुलाई भत्ते में भी बढ़ोतरी
ग्रामीण सफाई कर्मियों को मिलने वाले वार्षिक वर्दी भत्ते को भी बढ़ाया गया है। अब उन्हें 4,000 रुपये की जगह 6,000 रुपये सालाना वर्दी भत्ता मिलेगा।
वहीं, धुलाई भत्ते में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसे 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है।
ड्यूटी के दौरान मौत पर परिवार के सदस्य को नौकरी
सरकार के फैसलों में सबसे अहम प्रावधान ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की स्थिति से जुड़ा है। यदि किसी ग्रामीण सफाई कर्मी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होती है, तो उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही मृतक कर्मचारी के परिवार को EPF/ESI से जुड़े मृत्यु दावे की प्रक्रिया में भी BDPO कार्यालय सहायता करेगा। इसका मकसद परिवार को जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया पूरी करने में मदद करना है, ताकि उन्हें बाहरी एजेंसियों के भरोसे न रहना पड़े।
हर महीने 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान
सरकार ने मानदेय के भुगतान की समयसीमा भी तय कर दी है। निर्देशों के अनुसार ग्रामीण सफाई कर्मियों को हर महीने की 7 तारीख तक मानदेय मिल जाना चाहिए।
यदि निर्धारित समय तक भुगतान नहीं होता है तो संबंधित स्तर पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
फैसलों का क्या होगा असर?
सरकार के इन फैसलों से ग्रामीण सफाई कर्मियों को सिर्फ आर्थिक लाभ ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक सुरक्षा भी मिलेगी। मानदेय में बढ़ोतरी, भत्तों में वृद्धि और समय पर भुगतान की व्यवस्था से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। वहीं, ड्यूटी के दौरान मृत्यु की स्थिति में परिवार के सदस्य को नौकरी का प्रावधान उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।







